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UP: बच्चे की हालत गंभीर...सरकारी डॉक्टर ने भेजा प्राइवेट अस्पताल, मौत, नाराज परिजनों का हंगामा; पहुंची पुलिस

Mon, 03 Nov 2025 07:00 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, सोनभद्र।

सार

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र में जिला अस्पताल के डाॅक्टर ने बच्चे की हालत गंभीर देख उसे एक प्राइवेट अस्पताल भेज दिया। यहां उसकी माैत के बाद परिजनों ने हंगामा कर दिया। इसकी सूचना पर पुलिस भी माैके पर पहुंच गई और लोगों को समझाया।
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अस्पताल में परिजनों से बातचीत करती पुलिस। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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Sonbhadra News: सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के एक निजी अस्पताल में मासूम की मौत से नाराज परिजनों ने सोमवार को जमकर हंगामा किया। आरोप था कि बेहतर उपचार के नाम पर हजारों रुपये भी लिए गए, लेकिन कोई संजीदगी नहीं दिखाई गई, जिससे बच्चे की मौत हो गई। 

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पुलिस ने नाराजगी जता रहे लोगों को समझाकर शांत कराया। तहरीर लेकर पुलिस ने बच्चे के शव का पोर्स्टमार्टम कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी। घटना की सूचना देने के बाद भी स्वास्थ्य महकमे से किसी को न पहुंचने को लेकर नाराजगी जताई गई।

बताते हैं कि जुगैल थाना क्षेत्र के भरहरी गांव निवासी सुनील की पत्नी अंजनी को 20 दिन पहले बच्चा पैदा हुआ था। गत 31 अक्तूबर को तबीयत बिगड़ने पर उसे चोपन सीएचसी ले जाया गया। हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया। 

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परिजनों में मचा कोहराम

परिजनों का आरोप है कि आधी रात वह जिला अस्पताल पहुंचे, जहां ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टर ने बेड खाली न होने की बात कहते हुए भर्ती से इंकार कर दिया। काफी मिन्नतों के बाद वाराणसी-शक्तिनगर मार्ग स्थित फ्लाईओवर के नीचे स्थित एक अस्पताल का नाम सुझाया गया। वहां उसे एक स्कॉर्पियो से पहुंचाया गया जिसका किराया 500 लेने के साथ ही उपचार के लिए दो किश्तों में 13 हजार लिए गए। 

परिजनों का दावा है कि उन्हें बच्चे की हालत में सुधार की जानकारी दी जाती रही। बच्चे को बार-बार देखने के प्रयास पर भी आपत्ति जताई जाती रही। आरोप है कि उपचार पर ध्यान न दिए जाने के कारण रविवार की रात बच्चे की मौत हो गई। इसे लेकर सोमवार को परिजनों ने जमकर हंगामा किया। 
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पुलिस ने परिजनों को समझाया

मौके पर पहुंचे प्रभारी निरीक्षक माधव सिंह ने उन्हें समझाकर शांत कराया। पुलिस परिजनों से तहरीर लेकर आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। परिवार वालों का आरोप है कि स्वास्थ्य महकमे को भी इसकी जानकारी दी गई थी लेकिन कोई नहीं पहुंचा। 

प्राइवेट चिकित्सालयों के नोडल डॉ. कीर्ति आजाद बिंद ने बताया कि पीड़ित पक्ष की तरफ से कोई प्रार्थना पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया है। फिर भी मामले की जानकारी कर जांच की जाएगी। आरोप सही मिला तो कार्रवाई होगी। वहीं, रॉबर्ट्सगंज के प्रभारी निरीक्षक माधव सिंह ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन की ओर से लापरवाही से इंकार किया गया है। तहरीर के आधार पर शव का पोस्टमार्टम कराते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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