छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा पर नक्सलियों की धर-पकड़ को लेकर लगातार तीसरे दिन शुक्रवार को भी कई थानों की पुलिस, सीआरपीएफ और पीएसी जवानों ने संयुक्त कांबिंग की। इस दौरान संदिग्धों से सघन तलाशी और पूछताछ भी की गई, लेकिन कोई भी नक्सली नहीं पकड़ा गया।
दुद्धी सीओ लक्ष्मण राय ने बताया कि लकड़हारों के जरिए नक्सलियों के आने की जानकारी पर बुधवार को छत्तीसगढ़-झारखंड सीमा के जंगलों में दुद्धी, अमवार, विंढमगंज, म्योरपुर और बभनी पुलिस के साथ, सीआरपीएफ और पीएसी जवानों ने संयुक्त कांबिंग की। इस दौरान कोई नक्सली नहीं मिला। दूसरे दिन रात्रि में एक बस में लूटपाट कर तोड़फोड़ की घटना हुई तो अपर पुलिस अधीक्षक नक्सल रामयज्ञ यादव की अगुवाई में सीआरपीएफ और पीएसी जवानों के साथ संयुक्त रूप से कांबिंग की गई। लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। इसी वजह से शुक्रवार को भी भिसुर, रनदह, सुंदरी, कोरची, लांबी, बरखोहरा, कुदरी आदि जंगली क्षेत्रों में सघन कांबिंग की गई।
संदिग्धों की तलाशी के साथ-साथ सघन पूछताछ भी हुई। इस दौरान एएसपी रामयज्ञ यादव, सीओ लक्ष्मण राय, सीआरपीएफ कमांडर आरआर मीणा, दुद्धी कोतवाल मनोज पांडेय, अमवार चौकी इंचार्ज महाबीर यादव, विंढमगंज एसओ ओपी सिंह, म्योरपुर एसओ इंद्रभूषण यादव, बभनी एसओ अशोक सिंह यादव पुलिस और पीएसी के साथ कांबिंग करते रहे। पुलिस टीम आने-जाने वालों की सघन तलाशी और पूछताछ की। इसके अलावा आसपास के लोगों से नक्सलियों के बारे में जानकारी हासिल की।