नक्सलियों की ओर से गुरुवार को झारखंड प्रांत के परसवार में सड़क निर्माण में लगी चार मशीनों को जलाने और दो मुंशियों की पिटाई मामले को लेकर पुलिस महकमा शुक्रवार को अलर्ट रहा। सुबह 10 बजे से दोपहर बाद दो बजे तक चिलचिलाती धूप में छत्तीसगढ़, झारखंड और बिहार सीमा पर पुलिस, पीएसी और सीआरपीएफ जवानों ने संयुक्त कांबिंग की। इसके अलावा ग्रामीणाें से भी नक्सलियों के बारे में जानकारी हासिल की गई।
बभनी एसओ अशोक यादव के मुताबिक झारखंड में गुरुवार को हुई नक्सली वारदात के बाद पुलिस महकमा अलर्ट है। एसपी शिव शंकर यादव के निर्देश पर नक्सलियों की धर-पकड़ के लिए छत्तीसगढ़ और झारखंड सीमा के जंगलों में पुलिस और पीएसी जवानों के साथ संयुक्त कांबिंग की गई। इस दौरान परसा टोला, आसनडीह, गायदह, झनकपुर, दूबेदह, करचा टोला, साज सोती, चूना पाथर के बीहड़ों में सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर बाद दो बजे तक जवान खाक छानते रहे, किंतु उन्हें कोई सफलता नहीं मिली।
एसओ ने बताया कि जंगलों से गुजरने वाले हर शख्स पर जवानों की पैनी नजर रही। इसके अलावा उनकी सघन तलाशी भी ली गई। ग्रामीणों से नक्सलियों के बारे में जानकारी हासिल की गई। ग्रामीणाें से अपील की गई कि यदि उन्हें नक्सलियों के बारे में कोई जानकारी हो तो जरूर अवगत कराएं। इस दौरान ग्रामीणों की समस्याओं को भी सूना गया और उसके समाधान का आश्वासन भी दिया गया। कांबिंग करने वालों में बभनी पुलिस और पीएसी जवान शामिल रहे। उधर नक्सल प्रभावित मांची थाना क्षेत्र के बिहार सीमा पर मांची एसओ मातादीन कनौजिया और सीआरपीएफ इंस्पेक्टर रामप्रसाद मीना ने पुलिस और सीआरपीएफ जवानों के साथ संयुक्त कांबिंग की। इस दौरान बिहार सीमा के सियरिया, धोबी, बाकी के बीहड़ों में सुबह 10 बजे से दोपहर बाद दो बजे तक जवान खाक छानते रहे।