सोनभद्र। कोरोना संक्रमण के बीच डाला छठ पूजा के लिए शासन स्तर से गाइड लाइन तय कर दी गई है। इसी क्रम में छठ पूजा को लेकर जिले में सुरक्षा के सख्त इंतजाम किए गए हैं। सुरक्षा तथा कानून व्यवस्था के लिए थानेवार 21 स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात किए गए हैं। मजिस्ट्रेट के साथ पुलिस के जवानों को भी तैनात किया गया है। सभी उपजिलाधिकारियों और क्षेत्राधिकारियों को भी भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं।
कोरोना संक्रमण को देखते हुए डीएम ने शासन की गाइड लाइन को सख्ती से पालन कराने को कहा है। डीएम एस. राजलिंगम ने कहा है कि कोरोना को लेकर लोग सजग और सतर्क रहें। जहां तक संभव हो घर में ही पूजन करें। इसके लिए नगरीय निकायों को नदी व तालाबों के किनारे पारंपरिक स्थानों पर पूर्व की भांति अर्घ्य दिए जाने की व्यवस्था करने को कहा गया है। नदी, तालाबों के किनारे पारंपरिक स्थानों पर प्रकाश व्यवस्था एवं पब्लिक एड्रेस सिस्टम की व्यवस्था करने के भी निर्देश हैं। घाटों पर महिलाओं के लिए चेंजिंग रूम तथा पानी के बहाव की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए हैं। लोग गहरे पानी में न जाने पाएं, इसके लिए छठ घाट पर अंदर बैरिकेडिंग रहेगी। जिन पूजा स्थलों पर ज्यादा संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, वहां निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाने, सादी वर्दी में महिला पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाने व मुख्य छठ घाटों पर कंट्रोल रूम की व्यवस्था भी करने के निर्देश दिए गए हैैं। अधिकारियों को छठ आयोजन समितियों के पदाधिकारियों के संपर्क में रहने को भी कहा गया है। बृहस्पतिवार को एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह, एएसपी ओपी सिंह, एसडीएम केएस पांडेय, सीओ राजकुमार त्रिपाठी ने अलग-अलग जगहों पर बने पूजा घाटों पर जाकर तैयारियों के बारे में जानकारी ली।
बच्चे व बुजुर्गों के पास पूरा पता लिखकर रखें
सोनभद्र। एडीएम योगेंद्र बहादुर सिंह ने बताया कि कोरोना को देखते हुए छठ पूजा घर पर ही मनाएं या पास में किसी सुरक्षित स्थान पर मनाएं। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें। उन्होेंने कहा कि यदि आप बुजुर्गों एवं बच्चों को घाटों पर लेकर जा रहे हैं तो उनके जेब में पर्ची या गले में लॉकेट की तरह घर का पता व मोबाइल नंबर अवश्य लिखकर रखें। किसी भी प्रकार की अफवाह न फैलाएं और न ही अफवाहों पर विश्वास करें। बैरिकेडिंग को न पार करें और खतरनाक घाटों और गहरे पानी में न जाएं। छठ के पर्व पर घाटों एवं पूजा क्षेत्र में कही भी आतिशबाजी न करें।