स्टेट बैंक आफ इंडिया (एसबीआई) के शक्तिनगर शाखा के चेस्ट (कैश रूम) में रुपये की कमी और राष्ट्रीयकृत बैंकों के नगदी की आवाजाही नहीं होने की बात सामने आई है। इससे उत्तर प्रदेश समेत पड़ोसी मध्य प्रदेश के सीमावर्ती क्षेत्रों में लगे कई दर्जन एटीएम के शटर मंगलवार को गिर गए।
बैंकों के एटीएम से रुपये न निकलने के कारण मप्र के लोग यूपी क्षेत्र में तो यूपी के लोग मप्र के सीमांचल इलाकों का चक्कर लगाते रहे। एनसीएल की बीना कोयला परियोजना में स्थित एसबीआई और यूबीआई के एटीएम चार दिनों से पूरी तरह ठप हैं। मंगलवार को शक्तिनगर इलाके के ऊर्जा द्वार, खड़िया बाजार, खड़िया कालोनी, एनटीपीसी प्रशासनिक भवन समेत एसबीआई व यूबीआई शाखाओं के पास स्थित एटीएम बंद हुए तो लोग परेशान हो उठे। शादी विवाह के मौसम में पैसे की जरुरत ने हर किसी को बेचैन किया। बैंक अधिकारियों से संपर्क किया गया तो उनका कहना था कि बैंकों के पास रुपये न आने तथा ज्यादा निकासी के चलते यह स्थिति बनी है। एक बैंक अधिकारी ने बताया कि सुबह में कुछ एटीएम में रुपये डाले गए थे लेकिन कुछ ही देर बाद समाप्त हो गए।
स्थिति यह है कि बैंकों में जमा होने वाली राशि को किस्तों में एटीएम में डाला जा रहा है। कुछ ऐसी ही स्थिति मप्र इलाके की भी है। एक बैंक के अधिकारी ने बताया कि मप्र के कुछ बैंक संपर्क साध रुपये की मांग किए लेकिन पता चला कि वहां भी रुपये नहीं है। बताते चलें कि शक्तिनगर एसबीआई में चेस्ट सुविधा है।
एसबीआई के मुख्य प्रबंधक आलोक कुमार सिंह का कहना है कि आरबीआई से करेंसी नहीं पहुंच पाई है। बैंकों के पास रुपये नहीं आने और ज्यादा नगदी निकासी की वजह से समस्या पैदा हुई है। इस निमित्त उच्चस्तर पर संपर्क किया गया है। उम्मीद है जल्द समस्या का समाधान होगा।