Sonbhadra News: चाइल्ड हेल्पलाइन पर मिली सूचना के बाद पहुंची बाल कल्याण व संरक्षण टीम ने किशोर को मुक्त कराया। पूछे जाने पर घरवालों ने किशोर की मानसिक हालत ठीक न होने की बात कही। जानकारी लेने के बाद टीम किशोर को अपने साथ लेते गई।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज नगर के पूरब मोहाल में एक किशोर को पिछले एक माह से परिजनों ने ही जंजीर में जकड़ कर रखा था। चाइल्ड हेल्पलाइन पर मिली सूचना के बाद पहुंची बाल कल्याण व संरक्षण टीम ने घर पहुंचकर उसे मुक्त कराया। इस दौरान टीम को कड़े विरोध का भी सामना करना पड़ा।
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पुलिस ने मौके पर पहुंचकर किसी तरह स्थिति संभाली। परिजन किशोर की मानसिक बीमारी के कारण ऐसा करने का हवाला देते रहे। फिलहाल टीम किशोर को बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश कर उसकी काउंसिलिंग में जुटी है।
चाइल्ड हेल्पलाइन लखनऊ पर किसी ने फोन कर सूचना दी कि पूरब मोहाल के समीप एक घर में किशोर को पिछले एक माह से जंजीर में बांधकर रखा गया है। इस सूचना पर बाल कल्याण समिति ने जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड लाइन की संयुक्त टीम गठित करते हुए मौके पर भेजा।
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टीम तय स्थान पर पहुंचकर किशोर को मुक्त कराने का प्रयास करने लगी तो परिजन भड़क गए। आसपास के लोग भी मौके पर पहुंच गए। स्थिति को भांपते हुए टीम ने पुलिस को सूचना दी। रॉबर्ट्सगंज कस्बा चौकी पुलिस ने पहुंचकर टीम को सुरक्षा प्रदान की। इसके बाद किशोर को जंजीर से मुक्त कराकर अपने साथ टीम ले गई।
जिला बाल संरक्षण इकाई से ओआरडब्ल्यू शेषमणि दुबे ने बताया कि मुक्त कराए गए किशोर की उम्र 16 वर्ष बताई गई है। क्यों और कैसे उसे इस हाल में रखा गया था, अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। किशोर की काउंसिलिंग कराई जा रही है। इसमें ही कुछ स्पष्ट हो पाएगा। बाल कल्याण समिति के आदेशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। चाइल्ड लाइन यूनिट से परामर्शदाता अमन सोनकर, सुपरवाइजर धर्मवीर सिंह आदि मौजूद रहे।