राबर्ट्सगंज नगर के सिविल लाइंस इलाके में सरिया व्यापारी के घर और दफ्तर में सेंट्रल जीएसटी की टीम की जांच देर रात तक चली। भारी फोर्स के साथ पहुंचे अफसरों ने देर रात तक खरीद-बिक्री से जुड़े रिकार्ड खंगाले। व्यापारी का दावा है कि टीम को कोई भी आपत्तिजनक वस्तु आवास से नहीं मिली है। इस कार्रवाई से जिले के अन्य व्यापारियों में खलबली मची हुई है।
शुक्रवार को जीएसटी में गड़बड़ी करने के आरोप में सेंट्रल जीएसटी (सीजीएसटी) के संयुक्त आयुक्त के नेतृत्व में टीम ने राबर्ट्सगंज नगर के एक व्यापारी के आवास और दफ्तर में छापेमारी कर दस्तावेजों को खंगाला। घंटों तक टीम ने ने खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेज खंगाले। कंप्यूटरों से भी रिकार्ड को जांचा। टीम के अधिकारी प्रभापूरम कॉलोनी स्थित व्यापारी के आवास पर पहुंचे। वहां सर्च वारंट दिखाकर अंदर घुसे। परिवार की महिलाओं की मौजूदगी में टीम ने छानबीन की। यहां शाम चार बजे से शुरू हुई जांच साढ़े सात बजे तक चली। टीम ने व्यापारी और उनके कर्मियों से साल में कितने के कारोबार होता है और कितनी जीएसटी की अदायगी होती है, कहां से कहां से कारोबार होता है समेत अन्य बिंदुओं के बारे में पूछताछ की। हालांकि वह कोई खास जानकारी नहीं दे सके। साढ़े तीन घंटे की पड़ताल में टीम को यहां से जीएसटी से संबंधित कोई भी दस्तावेज नहीं मिला। अफसरों ने व्यापारी से फोन पर भी संपर्क किया, लेकिन वह जिले से बाहर होने की दलील देते हुए उपस्थित नहीं हुए। रात में ही टीम में शामिल सहायक आयुक्त आदिल अहमद दफ्तर से कुछ कागजातों को लेकर चले गए। उन्होंने जांच की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देने की बात कही। इस बाबत व्यापारी अमरेश जायसवाल का कहना था कि टीम को जांच में पूरा सहयोग दिया गया है। उन्हें आवास से जीएसटी से संबंधित कोई भी आपत्तिजनक दस्तावेज नहीं मिला।