ओबरा झरियानाला गेट पर सीबीएसई कॉलेज की मांग को लेकर विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रतिनिधियों के नेतृत्व में गुरुवार से शुरू हुआ बेमियादी धरना प्रदर्शन शुक्रवार को भी जारी रहा। इस दौरान बिजली कामगारों ने निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
धरनारत अभियंता संघ के क्षेत्रीय सचिव अदालत वर्मा ने कहा कि ओबरा नगर में सीबीएसई से संबद्ध इंटरमीडिएट की कक्षाएं चलाए जाने की सुविधा नहीं होने से कर्मचारियों को अपने बच्चों को पढ़ाने में असुविधा हो रही है।
मजबूरन ओबरा से बाहर कई गुना अधिक पैसे खर्च करके तनाव में रहते हुए पढ़ाना पड़ता है तथा अधिकांश अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा ओबरा परियोजना से बाहर स्थानांतरण की मांग केवल इस आधार पर की जाती है कि यहां पर बच्चों की बेहतर शिक्षा हेतु कोई सीबीएसई इंटरमीडिएट कॉलेज नहीं है।
धरनास्थल पर हुई सभा में अधिकारी एसोसिएशन के मनीष कुमार मिश्रा, आरजी सिंह, आरके शुक्ला, आरपी त्रिपाठी, संतोष विश्वकर्मा, दिनेश कुमार यादव, सत्यप्रकाश सिंह, बीएल सिंह तथा शाहिद अख्तर ने संयुक्त बयान में कहा कि कर्मचारियों, व्यापारियों और मजदूरों के बच्चे भी अच्छी शिक्षा पा सकें, इसलिए हमलोगों का जन अभियान जारी है। निगम के पास पर्याप्त जमीन व बिल्डिंग है, उसे जनहित में उपयोग किया जाए।
हम अपनी मांग को लेकर संघर्ष जारी रखेंगे। जारी धरने को भारतीय छात्र उत्थान समिति ने भी अपना समर्थन दिया है। संरक्षक विजय शंकर यादव ने कहा कि देश-प्रदेश को बिजली देने वाला ओबरा शहर शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणीय भूमिका का निर्वाह करे। इस संबंध में सरकार से इस पर विचार करने की मांग की जा रही है। सभा की अध्यक्षता केएस सिंह तथा संचालन मंगरू चौहान ने किया।