वर्ष 2007-2010 के बीच हुए करीब तीन सौ करोड़ रुपये के मनरेगा घोटाले की जांच कर रही सीबीआई ने घोरावल ब्लॉक में छह चेकडैमों से जुड़ी रिपोर्ट तलब की है। डीआरडीए से जुड़ी एक कर्मी ने सीबीआई की ओर से जारी किया गया एक पत्र शुक्रवार को सीडीओ को सौंपा। सीडीओ ने उपायुक्त मनरेगा को इसकी रिपोर्ट तैयार कराकर जल्द भेजवाने का निर्देश दिया है।
केंद्र की यूपीए सरकार के कार्यकाल में जिले में महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना से करोड़ों रुपये का कार्य कराया गया था। इस कार्य से जहां मजदूरों का रोजगार के लिए पलायन रुका था और ग्रामीण क्षेत्रों के गरीबों की आर्थिक स्थिति में कुछ हद तक सुधार हुआ था वहीं यह योजना घोटाले की भी शिकार हुई।
करीब तीन सौ करोड़ रुपये के घोटाले के इस मामले की जांच सीबीआई पिछले कुछ सालों से कर रही है। अब तक इसमें कइयों से पूछताछ की जा चुकी है और समय-समय पर सीबीआई की टीम यहां आकर जांच भी करती है। अब एक बार फिर सीबीआई ने घोरावल के छह चेकडैमों के मामले की जांच शुरू कर दी है। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई ने तलब किये गए डीआरडीए के एक कर्मचारी के हाथ सीडीओ को पत्र भेजा है।
इसमें चेकडैमों से जुड़े रिकार्ड लिखित रूप से मांगे गए हैं। चर्चा है कि इन चेकडैमों के निर्माण से पूर्व ही उसका जगह परिवर्तन भौतिक रूप से तो हुआ लेकिन पेपर पर कोई परिवर्तन नहीं दिखाया गया। इसी मामले को लेकर जांच की जा रही है। सीडीओ महेंद्र सिंह ने उपायुक्त मनरेगा को रिकार्ड तैयार कर सीबीआई तक डीआरडीए के ही एक कर्मचारी के हाथ भेजवाने का निर्देश दिया है।