डायल 100 की कार्यशाला में पुलिस अधिकारी
डायल 100 पर कॉल से पुलिस के अलावा जरूरत पड़ी तो एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की सहायता भी मुहैया कराई जाएगी। एक नंबर पर तीन सहायता के लिए इसे तैयार किया गया है। इसको लेकर चुर्क स्थित पुलिस लाइन के प्रशासनिक सभागार में शुक्रवार को प्रोजेक्टर पर सभी सीओ और थाना प्रभारियों को डायल 100 नंबर के वाहनों के संचालन के बारे में जानकारी दी गई।
एसपी लल्लन सिंह ने बताया कि जिले के लिए सौ नंबर के 59 वाहनों की मंजूरी मिली है। पहले चरण में 44 वाहन आ चुके हैं। सौ नंबर पर दुर्घटना या आग लगने की सूचना पर एंबुलेंस और फायरबिग्रेड के वाहन भी मौके पर पहुंचेंगे। कहा कि जरूरत के अनुसार सभी थाना क्षेत्रों में सौ नंबर के वाहनों को आवांटित करते हुए रूट चार्ट तैयार कर दिया गया है।
100 नंबर पर मारपीट समेत अन्य अपराधिक घटनाओं की सूचना मिलने पर दस्ता सक्रिय हो जाएगा। सूचना मिलने के दस से 15 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पुलिस पहुंच जाएगी। सभी सौ नंबर के वाहनों में प्रशिक्षण प्राप्त आधुनिक असलहों से लैश पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। बताया कि अगर कोई व्यक्ति सौ नंबर पर सड़क दुर्घटना या आग लगने की सूचना भी देगा तो घटनास्थल पर एंबुलेंस और दमकल कर्मियों को भेजने की व्यवस्था की गई है।
थाना प्रभारियों की जिम्मेदारी है कि वे अपने-अपने क्षेत्र के सौ नंबर वाहनों पर तैनात पुलिस कर्मियों की जानकारी रखें। कहा कि सार्वजनि स्थानों पर 100 नंबर के वाहन खड़ा रहेंगे। इन वाहनों से अपराध पर अंकुश लगाने मेें काफी मदद मिलेगी। एसपी ने कहा कि जिले में अविलंब सौ नंबर के वाहन संचालित होने लगेंगे। मीटिंग मेें एएसपी मुख्यालय सीपी शुक्ला, नक्सल एएसपी डॉ. अवधेश सिंह, सीओ केराम,ओबरा सीओ प्रवीण यादव आदि मौजूद रहे।