सीबीआई पहुंची सिसोदिया के घर
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तकरीबन दस साल पहले जनपद में हुए मनरेगा कार्यों में घोटालों की जांच के लिए सीबीआई ने फिर से कागजात खंगाले। शुक्रवार को राबर्ट्सगंज तहसील में सीबीआई टीम ने मनरेगा घोटाले के कई आरोपियों की खतौनी निकलवाई। इसके बाद टीम ने उरमौरा, अमोखर समेत अन्य गांवों में भ्रमण कर रिकार्ड एकत्र किया।
जिले में वर्ष 2007 से 2010 तक के बीच मनरेगा के धन का बंदरबाट किया गया। घोरावल, राबर्ट्सगंज, चोपन, चतरा और नगवां ब्लॉक में चेकडैम, तालाब, बंधी, कूप, सड़कों के निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। इतना ही नहीं कागजों पर कई चेकडैम, तालाब बनाकर लाखों रुपये हजम कर लिया गया। उच्च न्यायालय इलाहाबाद के निर्देश पर सीबीआई ने जिले में मनरेगा के हुए घोटाले की जांच कर रही है। पूर्व में कई बार जिले में कई दिनों तक सीबीआई ने डेरा डालकर मनरेगा के घोटालेबाजों को चिह्नित कर चुकी है।
इतना ही नहीं सीबीआई ने मनरेगा धन हजम करने वाले कई ग्राम प्रधान, सेक्रेटरी, बिल्डिंग मैटेरियल सप्लायर समेत अन्य को जेल भेज चुकी है। अब सीबीआई मनरेगा के घोटालेबाजों की चल और अचल संपत्ति पता लगाने जुटी है। शुक्रवार को जिले में पहुंची सीबीआई ने राबर्ट्सगंज तहसील से उरमौरा, अमोखर, बभनौली, बगही समेत अन्य गांवों की खतौनी निकलवाई।
सूत्रों की मानें तो सीबीआई को पता चला है कि मनरेगा के कुछ घोटालेबाजों ने गांवों में अचल संपत्ति बनाई है। गांवों में जाकर सीबीआई टीम ने ग्रामीणों से भी कुछ जानकारियां हासिल की। उधर सदर तहसीलदार नंदलाल सिंह ने कहा कि सीबीआई के एक सदस्य ने जिन गांवों की खतौनी मांगी थी, उसे उपलब्ध करा दिया गया।