भारत सरकार ने बच्चों में जन्मजात विकृति को दूर करने की पहल शुरू की है। इसके तहत विश्व स्वास्थ्य संगठन की टीमयूपी के पांच जिलों में केस स्टडी कर रही है। इन जिलों में सोनभद्र भी शामिल है। यहां के घोरावल ब्लॉक को केस स्टडी के लिए चयनित किया गया है। ब्लॉक के विभिन्न गांवों के 120 व्यक्तियों के रक्त के नमूने लिए जाने है, जिसे जांच के लिए चेन्नई भेजा जाएगा। रक्त नमूना लेने के लिए घोरावल सीएचसी में विशेष लैब बनाई गई है। छह मई तक सभी सैंपल लिए जाने हैं।
भारत सरकार मिजिल्स एवं रूबैला से रोग प्रतिरोधक क्षमता पता करने के लिए विशेष केस स्टडी करा रही है। इसके लिए सरकार ने यूपी के सोनभद्र, श्रावस्ती, बहराइच, बदाऊं और बलरामपुर को चुना है। सोनभद्र में घोरावल ब्लॉक को चयनित किया गया है। घोरावल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में विश्व स्वास्थ्य संगठन के नेशनल पब्लिक हेल्थ सर्विलांस प्रोजेक्ट से जुड़े सब रीजनल टीम लीडर डा. हामिद सईद, सर्विलांस मेडिकल आफिसर डा. मंजीत सिंह चौधरी और डा. अनूप सिंह की टीम विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के रक्त के नमूने ले रही है।
जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डा. बीके अग्रवाल ने बताया कि रक्त नमूना लेने के लिए पात्रों को घोरावल सीएचसी ले आने और फिर उनके घर तक छोड़ने के लिए छह वाहन लगे हैं। लिये जा रहे रक्त नमूने से लोगों में मिजिल्स और रूबैला से लड़ने की प्रतिरोधक क्षमता का आकलन किया जाएगा।