याेगी अादित्यनाथ, मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश
योगी सरकार ने पुलिस कर्मियों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। अब हर घंटे थाना प्रभारियों को कंट्रोल रूम को लोकेशन देना पड़ेगा। जरूरत पडने पर पुलिस के उच्चाधिकारी थाना प्रभारियों से जिस स्थान का वह लोकेशन दिए रहेंगे वहां के लोगों से बात करेंगे।
लोकेशन झूठा देने वाले थाना इंचार्जों को तत्काल लाइन हाजिर कर दिया जाएगा। बताते चले कि समस्त थाना इंचार्जों को घटनास्थल पर जाकर वस्तुस्थराति का जायजा लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत कराने का निर्देश है। ताकि जरूरत समझने पर एसपी, एएसपी और सीओ भी मौके पर पहुंच कर समस्याओं को दूर कर सकें।
लेकिन अभी भी पुराने ढर्रे पर ही कई थाना प्रभारी नौकरी कर रहे है। अधिकांश घटनास्थलों पर इंचार्ज न जाकर दारोगाओं को भेज रहे है। इतना ही नहीं कई इंचार्ज एसी में बैठे रहते है और अधिकारी पूछते है तो बताते है कि क्षेत्र में भ्रमण कर रहे है।
हालांकि पुलिस प्रशासन झूठा लोकेशन देने वालों को चिन्हित कर कार्रवाई करने की तैयारी शुरू कर दी है। एसपी ने कंट्रोल रूम को प्रति घंटे थाना प्रभारियों से उनका करंट लोकेशन लेने का निर्देश दिया है।
लोकेशन मिलने के बाद संदेह होने पर अधिकारी थाना प्रभारियों के मोबाइल पर कॉल कर उनसे आसपास के लोगों से बात कराने के लिए कह सकते है। ताकि पता चले कि इंचार्ज झूठ तो नहीं बोल रहे है।
पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह ने कहा कि जो इंचार्ज झूठा लोकेशन देंगे उन्हें तत्काल लाइन हाजिर किया जाएगा। प्रति घंटे लोकेशन न देने वाले प्रभारियों को भी लापरवाह मानते हुए कार्रवाई की जाएगी।