सोनभद्र। जिले में एक फाइनेंस कंपनी पर ऋण की राशि में हेराफेरी और धोखाधड़ी का आरोप लगा है। पीड़ित का कहना है कि उसके नाम पर स्वीकृत लोन की रकम किसी और ने खाते से निकाल ली। चेक बुक के पन्ने भी गायब कर दिए गए और बाद में उस पर ही वसूली का दबाव बनाया गया। मामले में पुलिस ने फाइनेंस कंपनी के दो कर्मचारियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मारकुंडी निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि उन्होंने अपने व्यवसाय के लिए विनयना इंवेस्टमेंट एंड फाइनेंस लिमिटेड से ऋण के लिए आवेदन किया था। उनका लोन पास हो गया और 18 अप्रैल को 45 हजार रुपये स्थानीय इंडियन बैंक शाखा के खाते में जमा हुए। ओमप्रकाश का आरोप है कि उन्होंने पैसा नहीं निकाला, लेकिन उसी दिन किसी अन्य व्यक्ति ने उनके खाते से चार बार दस-दस हजार और एक बार पांच हजार रुपये निकाल लिए।
ओमप्रकाश का कहना है कि जब मोबाइल पर मेसेज और वसूली का दबाव आने लगा तब उन्हें धोखाधड़ी की जानकारी हुई। मामले की शिकायत करने पर पता चला कि उनकी जमा चेकबुक के चार पन्ने भी गायब हैं। आरोप है कि फाइनेंस कंपनी के बीएम अनिल सिंह और कर्मचारी वीरेंद्र ने मिलकर धोखाधड़ी की और उन्हें फंसाने की साजिश रची। राबर्ट्सगंज पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर दोनों कर्मचारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।