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कांग्रेस जिलाध्यक्ष समेत कई नेताओं के खिलाफ केस

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सोनभद्र। जिला प्रशासन से अनुमति लिए बगैर महंगाई के खिलाफ जुलूस निकालने वाले कांग्रेस नेताओं के खिलाफ पुलिस ने कारवाई शुरू कर दी है। बृहस्पतिवार की रात राबर्ट्सगंज कोतवाली में कस्बा चौकी इंचार्ज की तहरीर पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड समेत दस नामजद और पांच-सात अज्ञात नेताओं के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है। इस कार्रवाई से कांग्रेस नेताओं में खलबली मची हुई है। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने मातहतों को प्रशासन से अनुमति लिए बगैर कार्यक्रम आयोजित करने वालों के खिलाफ कड़े कदम उठाने का निर्देश दिया है।
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राबर्ट्सगंज चौकी इंचार्ज योगेंद्र कुमार सिंह की तरफ से कोतवाली में दी गई तहरीर में कहा गया है कि शुक्रवार को वह क्षेत्र में भ्रमण पर निकले थे। उसी वक्त बढ़ौली की तरफ से कांग्रेस नेता व कार्यकर्ता डीजल, पेट्रोल के दाम में वृद्धि के खिलाफ नारेबाजी करते हुए रामलीला मैदान की तरफ जुलूस लेकर जाते दिखे। उन्होंने नेताओं व कार्यकर्ताओं को रोक कर जुलूस निकालने के संबंध में प्रशासन की तरफ से अनुमति दिए जाने संबंधी प्रपत्र की मांग की तो वे नहीं दिखा सके। उधर, इस संबंध में क्षेत्राधिकारी राजकुमार त्रिपाठी का कहना है कि चौकी इंचार्ज की तहरीर पर जुलूस का नेतृत्व कर रहे घोरावल कोतवाली के उभ्भा गांव निवासी एवं कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड़, नामवर कुशवाहा, कमलेश ओझा, अरविंद, धीरज पांडेय, सत्येंद्र मिश्र, जितेंद्र पासवान, रामानंद पांडेय, राजीव त्रिपाठी, अरविंद सिंह और पांच-सात अज्ञात के खिलाफ प्रशासन से अनुमति लिए बगैर जुलूस निकालने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। कहा कि कोविड-19 के दृष्टिगत जिले में धारा 144 लागू है। इसके बावजूद नेताओं ने जुलूस निकाला। चेतावनी देते हुए कहा कि प्रशासन की अनुमति के बिना जो भी जुलूस समेत अन्य कार्यक्रम आयोजित करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामराज गोंड का कहना है कि उन्हें भी जानकारी मिली है कि उनके व कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। उन्होंने प्रशासन पर आरोप लगाया कि महंगाई के खिलाफ कांग्रेसजनों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है। महंगाई के खिलाफ संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
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