हजार मेगावाट वाली अनपरा डी से लगातार पूर्ण क्षमता से उत्पादन बनाए रखने के लिए, इसकी पांच-पांच सौ मेगावाट वाली दोनों इकाइयों को एक सप्ताह से अधिक समय के लिए अनुरक्षण पर ले लिया जाएगा। सामान्य अनुरक्षण के दौरान एक-एक पार्ट्स को चेक करने के साथ, खामियों को पूरी तरह दुरुस्त किया जाएगा। इसके बाद दोनों इकाइयों को पूर्ण क्षमता से उत्पादन पर ले लिया जाएगा। दूसरी इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन पर लिया जाना बाकी है, जिसकी प्रक्रिया अनुरक्षण के बाद पूरी की जाएगी।
अनपरा डी की पहली इकाई का उत्पादन वाणिज्यिक घोषित किया जा चुका है और इसे अनपरा परियोजना की छठीं इकाई का दर्जा भी दिया जा चुका है लेकिन इस इकाई को पूर्ण क्षमता से संचालन में दिक्कत आ रही थी। वहीं दूसरी इकाई तकनीकी खामी के चलते एक पखवारे से अधिक समय से बंद पड़ी थी। दो दिन पूर्व भेल और परियोजना अधिकारियों की बैठक में दिक्कत को देखते हुए दोनों इकाइयों को एक साथ सामान्य अनुरक्षण पर लेने का निर्णय लिया गया। तय हुआ कि दोनों इकाइयों में जो भी थोड़ी बहुत खामी होगी।
इस दौरान उसे दुरुस्त कर लिया जाएगा। ताकि 14 अगस्त से दोनों इकाइयों को पूर्ण क्षमता से उत्पादन पर लेने की तय हुई समयसीमा आसानी से पूरी की जा सके। अनुरक्षण के बाद दूसरी इकाई को लगातार 72 घंटे तक पूर्ण क्षमता से उत्पादन पर चलाकर इसे वाणिज्यिक उत्पादन पर लेने की भी प्रक्रिया अपनाई जाएगी ताकि इसके बिजली का भी भुगतान राज्य उत्पादन निगम को मिलना शुरू हो जाए। उधर, सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी ने भी दोनों इकाइयों को अनुरक्षण पर जाने की पुष्टि की। बताया कि पहली इकाई उत्पादन पर थी, जिसे बंद कर अनुरक्षण पर दे दिया गया है। इस दौरान सामान्य परीक्षण, अनुरक्षण दोनों की प्रक्रिया अपना खामियों को पूरी तरह से दुरुस्त किया जाएगा।