सोनभद्र अनपरा डी की पांच-पांच सौ मेगावाट वाली दोनों इकाइयां शनिवार की भोर में सफलतापूर्वक उत्पादन पर ले ली गईं। शाम पांच बजते-बजते इनका उत्पादन 530 मेगावाट के करीब पहुंच गया। ऊर्जा संकट से जूझ रहे सूबे को इससे बड़ी राहत मिली। धीरे-धीरे लोड बढ़ाया जाएगा। दो-तीन दिन में दोनों इकाइयों से पूर्ण क्षमता से उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है।
इकाइयों को शीतलन के लिए पानी आपूर्ति करने वाली केबल गैलरी गत गुरुवार को भेल के स्टोर यार्ड में लगी आग के चपेट में आ गई थी।
इसके कारण दोनों इकाइयों को बंद कर दिया गया था। शुक्रवार को केबल गैलरी दुरुस्त करने के बाद देर शाम पौने सात बजे के करीब पहली-दूसरी दोनों इकाइयों को लाइटअप कर उत्पादन पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी, जीएम इं. एके सिंह, भेल के अनपरा डी निर्माण प्रबंधक इं. आरके श्रीवास्तव की अगुवाई में अभियंताओं की टीम ने पूरी रात मेहनत करके शनिवार की भोर होते-होते दोनों इकाइयों को उत्पादन पर ले लिया।
साढ़े छह बजते-बजते दोनों इकाइयों का उत्पादन 390 मेगावाट के करीब पहुंच गया। एमडी सहित अन्य उच्चाधिकारियों को स्थिति से अवगत कराने के बाद सुबह दस बजे से लोड बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। शाम पांच बजते-बजते उत्पादन 530 मेगावाट पहुंच गया। रात में उत्पादन छह सौ मेगावाट के पार ले जाने को लेकर कवायद जारी थी।
उधर, सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी ने भी दोनों इकाइयों को उत्पादन पर आने की पुष्टि की।
कहा कि पहली इकाई से 280 और दूसरी इकाई से 250 मेगावाट बिजली पैदा हो रही है। इकाइयों को पूर्ण क्षमता से उत्पादन पर आने तक धीरे-धीरे लोड बढ़ाने की प्रक्रिया जारी रहेगी। समाचार दिए जाने तक अनपरा परियोजना में 1370, अनपरा डी में 530, पनकी में 80, पारीक्षा में 1114, हरदुआगंज में 591 मेगावाट कुल 4010 मेगावाट बिजली पैदा हो रही थी।