फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गो आश्रय स्थलों में लगा ब्लोअर, पशुओं को ओढ़ा रहे बोरा

विज्ञापन
राबर्ट्सगंज स्थित गौ आश्रय स्थल - फोटो : SONBHADRA
विज्ञापन
जिले में अचानक ठंड बढ़ी है। लगातार पारा लुढ़कने से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। वहीं ठंड को देखते हुए नगर में संचालित गो आश्रय स्थल में पशुओं को ठंड से बचाव के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। पशुओं के टीनशेड में जहां ब्लोअर लगाए गए हैं, वहीं जूट का बोरा ओढ़ाने के साथ गुड़ व अजवाइन दिया जा रहा है। हालांकि जिले में संचालित अन्य गो आश्रय स्थलों में इस तरह की व्यवस्था नहीं है।
विज्ञापन

जिले के चोपन ब्लॉक अंतर्गत चोपन गांव में और घोरावल ब्लॉक के केवली मय देवली गांव में दो स्थायी गो आश्रय स्थल संचालित किए जा रहे हैं। चोपन में जिला पंचायत विभाग और घोरावल में ब्लॉक कार्यालय से पशुुुओं के लिए व्यवस्थाएं की जाती है, जबकि राबर्ट्सगंज नगर सहित पांच स्थानों पर अस्थाई गो आश्रय स्थल संचालित हो रहा है। पशुओं के रख रखाव की सबसे बेहतर स्थिति अस्थाई गो आश्रय स्थल राबर्ट्सगंज में है। यहां क्षमता से अधिक 275 पशु है। परिसर में लोहे की बैरिकेडिंग करते हुए तीन स्थान पर अलाव जलाया जा रहा है। टीनशेड को तीरपाल से कवर्ड करते हुए 12 ब्लोअर चलाए जाते हैं, ताकि पशुओं को ठंड न लगे। साथ ही छोटे बच्चों को जूट का बोरा ओढ़ाया जा रहा है। यहां पशुओं की देख रेख के लिए पांच कर्मचारी रखे गए हैं। इसके साथ ही सप्ताह में एक बार पशुओं को गुड़ व अजवाइन दिया जा रहा है। चोपन व घोरावल में संचालित स्थायी गो आश्रय स्थलों में भी बेहतर सुविधाएं हैं।
जिले में संचालित सात गो आश्रय स्थलों में 1700 से अधिक पशु हैं। 30 रुपये प्रति पशु चारा, चूनी आदि व्यवस्था के लिए दिया जाता है। ठंड से बचाव के लिए जूट का बोरा, गुड़-अजवाइन पशुओं को दिलाया जा रहा है। अलाव भी जल रहे हैं। -डॉ. एके श्रीवास्तव, सीवीओ-सोनभद्र।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें