यूपी सरकार ने कोन और करमा को ब्लॉक का दर्जा देकर लोगों की वर्षों से चली आ रही मांग को पूरा कर दिया है। दोनों क्षेत्रों के लोग इसे लंबे संघर्षों की जीत बता रहे और सरकार के इस निर्णय का स्वागत कर रहे हैं। वहीं चोपन के बीडीओ ने अधिसूचना जारी होने के बाद बुधवार को कोन क्षेत्र का दौरा किया और कहा कि नए ब्लॉक को लेकर जल्द कार्रवाई शुरू होगी।
जिले में कोन और करमा को ब्लॉक का दर्जा देने की मांग करीब 20 वर्षों से चल रही थी। हर बार के चुनाव में क्षेत्रीय जनता नेताओं से इस मांग को पूरा कराने के लिए संकल्प लेते थे, लेकिन चुनाव के बाद ही मामला ठंडे बस्ते में चला जाता था। लेकिन वर्ष 2017 के चुनाव की घोषणा होने से पूर्व समाजवादी पार्टी की सरकार ने कोन और करमा को ब्लॉक का दर्जा देने की घोषणा कर दी और बकाएदे उसकी अधिसूचना भी जारी कर दी। कोन में कोन, रामगढ, कचनरवा, गड़ाव न्याय पंचायत और महुली की ग्राम पंचायत करहिया एवं बोधाडीह को शामिल किया गया है। इसी तरह करमा ब्लॉक में सरंगा, सिरसिया ठकुराई, पापी, बट न्याय पंचायत, इनम की ग्राम पंचायत किंगरीए पुरखास की ग्राम पंचायत पुरखास, रानीतारा, मोकरसीम, बारी महेवा, खुटहनिया, बिसहार, फुुलवारी, बागपोखर, मगरदहां, धोवां, अरूआंव और जोगिनी ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। उधर चोपन के बीडीओ लालव्रत यादव ने कोन क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने यहां ब्लॉक भवन के निर्माण समेत अन्य कार्यों के लिए क्षेत्रीय लोगों से वार्ता की।
उधर, प्रदेश सरकार द्वारा करमा एवं कोन को ब्लॉक का दर्जा दिए जाने की घोषणा से क्षेत्रीय लोगों के साथ-साथ कांग्रेसी भी गदगद हैै। बुधवार को राबट्र्सगंज में बैठक कर कांग्रेसियों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बधाई दी। इस मौके पर जिलाध्यक्ष अरुण प्रताप सिंह, अरविंद सिंह, अभिषेक त्रिपाठी, कन्हैया पांडेय, नूरउद्दीन ख्रां, श्याम नारायण सिंह, जितेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।