रानी अहिल्याबाई होल्कर की त्रिशताब्दी जन्मोत्सव पर बृहस्पतिवार को भाजपा के जिला कार्यालय पर संगोष्ठी हुई। इसमें मुख्य अतिथि राज्य सभा सांसद सीमा द्विवेदी मौजूद रहीं। उन्होंने अहिल्या बाई को भारतीय इतिहास की उन महान नारियों में एक बताया, जिन्होंने नारी शक्ति, प्रशासनिक दक्षता और धार्मिकता का अद्वितीय उदाहरण पेश किया।
राज्य सभा सांसद ने कहा कि महाराष्ट्र के अहमदनगर में जन्मीं माता अहिल्याबाई प्रारंभ से ही विलक्षण प्रतिभा और प्रखर बुद्धि की धनी थीं। 11 दिसंबर 1767 को जब उन्हें विधिवत राज सिंहासन सौंपा गया तब उन्होंने न केवल राज्य को स्थापित किया, बल्कि उसे समृद्धि की ओर अग्रसर किया। उन्होंने होल्कर साम्राज्य की समस्त संपत्तियों पर तुलसी जल रख कर उसे भगवान शिव को अर्पित किया।
उन्होंने सोमनाथ, विश्वनाथ, बद्रीनाथ, केदारनाथ धाम का जीर्णोद्धार कराया। जिला प्रभारी अनिल सिंह ने कहा कि स्वाभिमान और प्रजा के प्रति सेवा के लिए महारानी अहिल्याबाई होल्कर को पुण्यश्लोक की उपाधि प्राप्त हुई थी।
उन्होंने बताया कि पति, ससुर, पुत्र की मौत के बाद भी देश में तीन हजार मंदिरों का निर्माण-पुनरोद्धार, महिलाओं के उत्थान और सुशासन के लिए अहिल्याबाई के महिला सशक्तीकरण संघर्षों की जीवन गाथा समाज के लिए अनुकरणीय है।
गोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे जिलाध्यक्ष नंदलाल ने बताया कि अहिल्याबाई होल्कर की 300वीं जयंती पर विभिन्न विद्यालयों में भाषण, रंगोली, पेंटिंग, प्रतियोगिता, महिला सशक्तीकरण के लिए दौड़, नदियों के घाटों पर स्वच्छता आदि कार्यक्रम कराए जा रहे हैं।
संगोष्ठी में एसटी आयोग के उपाध्यक्ष जीत सिंह खरवार, क्षेत्रीय अध्यक्ष अनुसूचित मोर्चा अजीत रावत, पूर्व जिलाध्यक्ष अजीत चौबे, धर्मवीर तिवारी, श्रवण सिंह गोंड, नागेश्वर गोंड, नगवा ब्लॉक प्रमुख आलोक सिंह, कार्यक्रम संयोजक रामसुंदर निषाद, सह संयोजक प्रसन्न पटेल, उदयनाथ मौर्या, अनिल सिंह गौतम, अशोक कुमार मौर्या, संतोष शुक्ला आदि मौजूद रहे।