फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भाजपा चार, कांग्रेस का तीन दशक से नहीं खुला खाता

Thu, 12 Jan 2017 09:24 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/सोनभद्र
विज्ञापन
विज्ञापन
 दुद्धी विधानसभा सीट पर भाजपा जहां चार दशक से खाता नहीं खोल सकी है। वहीं, कांग्रेस तीन दशक से मुकाबले से ही बाहर है। इस अंतराल में सपा, बसपा, जनता दल और निर्दल प्रत्याशी के सिर जीत का सेहरा बंधा।  
विज्ञापन

दुद्धी विधानसभा सीट शुरू से ही सुरक्षित चली आ रही है। इस सीट पर पहली बार 1962 में कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे राम प्यारे 14678 मत पाकर  जेएस के अयोध्या प्रसाद को शिकस्त दी थी। 1967 में अयोध्या प्रसाद ने बीजेएस से 19605 मत पाकर कांग्रेस के राम प्यारे को हराया था। 1972 में कांग्रेस के राम प्यारे पुन: 18224 मत पाकर बीजेएस के शिवसंपत राम से चुनाव जीते। 1977 में जेएनपी के ईश्वर प्रसाद ने 24423 मत पाकर कांग्रेस के राम प्यारे को शिकस्त दी। 1980 में कांग्रेस के विजय सिंह ने भाजपा के ईश्वरी प्रसाद को हराकर 15533 मत से विधायक चुने गए। 1985 में दूसरी बार कांग्रेस से विजय सिंह ने भाजपा की रुक्मिणी को हराया। 1989 में तीसरी बार निर्दल प्रत्याशी के रूप में विजय सिंह ने 33081 मत पाकर भाजपा के चतुर बिहारी करारी शिकस्त दी। 1991 में पुन: चौथी बार जनता दल से विजय सिंह ने भाजपा के चतुर बिहारी को हराया। 1993 में पांचवीं बार जनता दल से विजय सिंह ने 38917 मत पाकर विजय हासिल की।

भाजपा के नरेश को हराया। 1996 में छठवीं बार सपा से विजय सिंह  फिर भाजपा के नरेश को हराकर चुनाव जीत गए। 2002 में सातवीं बार सपा के विजय सिंह के सिर जीत का सेहरा बंधा। भाजपा के राजेंद्र प्रसाद को 39058 मत से संतोष करना पड़ा। 2007 में विजय सिंह की जाति को अनुसूचित जन जाति में शामिल कर लिया गया तो वह चुनाव नहीं लड़ सके। इसका नतीजा रहा कि बसपा के चंद्रमणि प्रसाद ने सपा के शिवशंकर को हराया विधायक बन गए। पिछले 2012 के चुनाव में पहली बार निर्दलीय महिला प्रत्याशी रूबी प्रसाद ने 42028 मत पाकर विजय हासिल की। रूबी ने सपा के नरेश कुमार को हराया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें