एनटीपीसी रिहंद में आयोजित कार्यशाला में उपस्थित विभिन्न विद्युत परियोजनाओं के प्रतिनिधि।
एनटीपीसी की रिहंद परियोजना में आयोजित दो दिवसीय उत्तर क्षेत्रीय कार्यशाला का गुरुवार को समापन हो गया। एयर प्रीहीटर्स के कारण, विद्युत उत्पादन कर रहीं इकाइयां बंद न करनी पड़े, इस पर विस्तार से चर्चा की गई। इकाइयों की कम से कम ट्रिपिंग हो, इसके लिए एक दूसरे के अनुभवों, सुझावों को आपस में साझा करने के साथ ही लगातार बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया गया।
कार्यकारी निदेशक (रिहंद) केआरसी मूर्ति ने सिंगरौली, टांडा, ऊंचाहार और रिहंद परियोजना के प्रतिनिधियों को एक दूसरे से लगातार संवाद बनाते हुए नवीनतम तकनीक और जानकारियां साझा करनेे की सीख दी। कहा कि इस कार्यशाला से काफी कुछ सीखने को मिला है, जो बेहतर कार्य में सहायक होगी। उन्होंने इकाइयों के समुचित रखरखाव, कमीशनिंग और ओवरहालिंग के लिए, सूचीबद्ध तैयार करने और इसी के अनुरूप कार्य पर बल दिया। अपर महाप्रबंधक (बीएमडी) जी सी चौकसे और महाप्रबंधक (ओएंडएम) एके मुखर्जी ने कहा कि ऐसी कार्यशालाओं से कार्यदक्षता बढ़ती है।
नई दिल्ली से आए एयर प्रीहीटर्स विशेषज्ञ पुनीत सूर और मनोज कुमार ने एयर प्रीहीटर्स की डिजाइन, रख-रखाव, संभावित समस्याओं और उनके समाधान पर विस्तृत प्रकाश डाला। संचालन वरिष्ठ प्रबंधक (बीएमडी) सत्यप्रकाश ने किया। महाप्रबंधक राजकुमार, रंजन कुमार, अपर महाप्रबंधक सीके सामंता, राजेंद्र सिंह, यूके श्रीवास्तव, रणबीर सिंह, केंद्रीय कार्यालय के कमल किशोर, उत्तरी क्षेत्र मुख्यालय के अपर महाप्रबंधक (ओएस) मो. जिया आदि मौजूद रहे।