कुछ दिनों के बाद दहेज उत्पीड़न के चलते वह बेटी को घर ले आए। इस मामले में दुद्धी के सक्षम न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। सोमवार सुबह नतिनी रागिनी अपने छोटे भाई रिशु के साथ घर के बाहर खेल रही थी। इसी बीच एक बाइक पर सवार दो लोगों ने रागिनी का अपहरण कर लिया। सूचना मिलते ही तत्काल बाइक से आसपास काफी खोजबीन की गई, लेकिन बालिका का कहीं पता नहीं चला।
बताया कि दामाद श्रीराम पासवान ने दो दिन पहले मेरे पुत्र धर्मेंद्र के मोबाइल पर फोन करके कहा था कि रागिनी का 24 जुलाई को जन्मदिन है। उसे मेरे पास पहुंचा दो, उसका जन्मदिन मनाना है। इस पर धर्मेंद्र पासवान ने कहा कि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, मैं कुछ नहीं कह सकता। लगभग दो वर्ष पूर्व भी दामाद नाती रिशु को भी बिना बताए लेकर भाग गया था।
झारखंड पुलिस की मदद से नाती को वापस लाया गया था। आशंका है कि फिर से मेरी नातिन का अपहरण दामाद ने ही किया होगा। इस बाबत इंस्पेक्टर श्याम बिहारी ने कहा कि मामले की गहनता से छानबीन की जा रही है। सुसंगत धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है। प्रयास रहेगा कि जल्द से जल्द रागिनी को खोज निकाला जाएगा।