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हवाहवाई वादों का नतीजा है बिहार चुनाव का परिणाम

Sun, 08 Nov 2015 11:02 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, सोनभद्र
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बिहार चुनाव का अप्रत्याशित परिणाम नहीं बल्कि यह हकीकत और हवाई वादों की बीच का नतीजा है। मोदी के हवाई वादों को जान चुकी जनता ने इस चुनाव में उन्हें नकारा और नीतीश के हकीकत विकास को देख उन्हें पुन: स्वीकारा है। बिहार चुनाव परिणाम आने के बाद विभिन्न राजनीतिक दलों ने प्रतिक्रिया देते हुए इस बात को कहा।
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जनता दल यू के जिलाध्यक्ष राम भरोसे सिंह पटेल ने कहा कि नीतीश के द्वारा बिहार में किए गए विकास के कार्य हकीकत को बया करते हैं।

जबकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 माह के अपने कार्यकाल में  किए गए वादों को हवाहवाई साबित किया। बिहार की जनता दोनों नेताओं की हकीकत को जान चुकी थी।

इसके चलते आज चुनाव का परिणाम महागठबंधन के पक्ष में आया है। भाजपा के जिलाध्यक्ष भूपेश चौबे ने कहा कि जनता का जनादेश है, इस पर कोई टिप्पणी नहीं करनी।

लेकिन समीक्षा करके पार्टी अपनी खामियों को दूर करने का प्रयास करेंगी। फिलहाल इस मुद्दे पर कुछ कहना गलत होगा। सपा के जिलाध्यक्ष व सदर विधायक अविनाश कुशवाहा ने कहा कि झूठा वादा करने वालों का क्या हश्र होता है,
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यह बात दिल्ली के बाद बिहार की जनता ने बता दिया है। कांग्रेस के पूर्व कार्यवाहक जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र त्रिपाठी ने कहा कि बिहार चुनाव का नतीजा, प्रधानमंत्री के द्वारा किए गए झूठे वादे का जवाब है, जिसे बिहार की जनता ने दिया है।

नीतीश के द्वारा किए गए विकास के कार्य से जनता भिज्ञ थी। वही दूसरी तरफ मोदी के वादे के बाद 17 माह के कार्यकाल का झूठ देख चुकी थी। जनता भी जनती है कि प्रधानमंत्री बनने के बाद से मोदी सिर्फ विदेश की यात्रा कर रहें हैं।

बसपा के जिलाध्यक्ष पन्ना लाल ने कहा कि जनता के जनादेश ने एनडीए को नकार दिया है। बिहार के इस परिणाम का असर 2017 में यूपी में होने वाले चुनाव पर भी पड़ेगा।
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