सपा और बसपा के बाद मंगलवार को भाजपा ने भी सोनभद्र की दो सीटों राबर्ट्सगंज और घोरावल पर अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी है। राबर्ट्सगंज से भूपेश चौबे और घोरावल से पूर्व विधायक अनिल कुमार मौर्य को टिकट मिला है। भूपेश चौबे की पकड़ संगठन में मजबूत मानी जाती रही है, जबकि अनिल बसपा का साथ छोड़ भाजपा में शामिल हुए हैं। दुद्धी और ओबरा सीट के आरक्षण का मामला कोर्ट के विचाराधीन होने के नाते पार्टी ने इन दोनों सीटों पर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं की है।
विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दल प्रत्याशियों के चयन को लेकर जहां सोचविचार कर आगे बढ़े रहे हैं, वहीं मतदाता खामोश हैं। सपा और बसपा के बाद मंगलवार को भाजपा ने भी प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। निर्वतमान भाजपा जिलाध्यक्ष भूपेश चौबे और अनिल कुमार मौर्या के मैदान में आने के बाद चुनावी समीकरण बनाने और बिगाड़ने को लेकर भी गुणा-गणित शुरू हो गई है। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भूपेश चौबे को हाल ही में वाराणसी महानगर का संगठन प्रभारी नियुक्त किया गया था। वर्तमान में वे इसी पद पर काम कर रहे हैं। इससे पूर्व भूपेश संगठन के साथ ही कई महत्वपूर्ण पदों पर रह चुके हैं। इसके बाद से इस बात के कयास लगाए जा रहे थे कि शायद अब उन्हें टिकट से दूर रखा जाए, लेकिन पार्टी में ही यह चर्चा जोरों पर थी कि भूपेश की संगठन में पकड़ मजबूत है। उधर घोरावल सीट पर टिकट पाने वाले अनिल कुमार मौर्य पूर्व में बसपा में थे और राजगढ़ सीट होने पर दो बार विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2012 के चुनाव में उन्होंने बसपा से नई घोरावल सीट पर भाग्य आजमाया था लेकिन सफलता नहीं मिली और सपा के रमेश चंद्र दूबे से हार गए थे। इसके बाद वे भाजपा में शामिल हो गए थे। अब उन्हें भाजपा ने टिकट दिया है और वे फिर सपा के रमेश दूूबे और बसपा की बीना सिंह से टक्कर लेंगे। सपा और कांग्रेस से गठबंधन के बाद सपा ने सामान्य सीट राबर्ट्सगंज और घोरावल में दोनों विधायकों को प्रत्याशी बनाया है। जबकि ओबरा एसटी सीट पर रवि गोड़ प्रत्याशी हैं। इसी तरह बसपा ने राबर्ट्सगंज और घोरावल में प्रत्याशी घोषणा की है लेकिन एसटी हुई ओबरा और दुद्धी सीट को लेकर प्रत्याशियों की घोषणा नहीं हुई है।