महाशिवरात्रि पर्व को लेकर बृहस्पतिवार को तैयारियां जोरों पर रही। मंदिरों को सजाने-संवारने का काम होता रहा तो भव्य बरात के लिए आयोजक जुटे रहे। पूर्व संध्या पर मेहंदी की रस्म हुई। मंगल गीतों के बीच भगवान शिवा और मां पार्वती को मेहंदी लगाई गई।
शिवद्वार धाम में मुख्य पुजारी महंत सुरेश गिरी के निर्देशन में अजय गिरी, शिवराज गिरी, सुभाष गिरी, अमरेश गिरी ने मेहंदी लगाकर रस्म पूरा किया। श्रीउमामहेश्वर की प्रतिमा का मेहंदी व हरे रंग की पृष्ठभूमि में बेलपत्र, केले के पत्तों व हरे पवित्र पौधों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। शाम चार बजे से भगवान शिव व माता पार्वती का वर एवं वधू के रूप में पुजारियों और कलाकारों ने श्रृंगार करना प्रारंभ किया, जो देर रात तक चला। महाशिवरात्रि पर रौंप स्थित पहाड़ी पर पंचमुखी महादेव मंदिर और बरेला महादेव मंदिर पर भी मेला लगता है। राबर्ट्संज नगर स्थित सोमनाथ मंदिर, वीरेश्वर महादेव मंदिर भक्तों की भीड़ दर्शन पूजन को उमड़ती है। इसी तरह से चोपन में सोन नदी के तट पर स्थित प्राचीन शिवमंदिर, गौरीशंकर शिवमंदिर सहित अन्य स्थानों पर मेला का आयोजन किया गया है। वहीं दूसरी ओर शिवद्वार उमामाहेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि से शुरू हो रहे 10 दिनी मेला की तैयारी पूरी कर ली गई है। मेला सकुशल संपन्न कराने के लिए एक एसडीएम, एक सीओ, दो इंस्पेक्टर, एक महिला एसएचओ, 10 सब इंस्पेक्टर, 30 हेड कांस्टेबल व कांस्टेबल, छह महिला पुलिस और दो प्लाटून पीएसी तैनात किया गया है। इसके साथ ही एक फायर सर्विस और 2 ट्रैफिक पुलिस व्यवस्था में रहेंगे।पेयजल, सचल शौचालय की सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही आपात स्थिति के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम एवं साफ सफाई के लिए 25 सफाईकर्मियों की टीम मौजूद रहेगी।
सीसीटीवी कैमरे से निगहबानी
शिवद्वार में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर मंदिर के मुख्य गेट पर मेटल डिटेक्टर लगाया जाएगा। इसके साथ ही मेन गेट एवं मंदिर परिसर में आधे दर्जन सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में श्रद्धालुगण दर्शन पूजन करेंगे। मुख्य पुजारी महंत सुरेश गिरी ने बताया कि भोर में चार बजे मंगला आरती के बाद भक्तों को दर्शन पूजन के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए जाएंगे।