पिपरी स्थित रिहंद डैम के फाटक की जांच करने शनिवार की दोपहर पहुंची सिंचाई विभाग की टीम पर मधुमक्खियों ने अचानक हमला कर दिया। जिसमें 10 अधिकारी-कर्मचारी घायल हो गए। जिन्हें हिंडाल्को चिकित्सालय में भर्ती कराया गया।
शनिवार की सुबह करीब 11 बजे सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रूपेश कुमार खरे, अधीक्षण अभियंता सीलचंद उपाध्याय, एसडीओ प्रसून उत्तम, रविंद्र नाथ सोनकर, राजीव कुमार सोनकर, आनंद श्रीवास्तव सहित कई अधिकारी रिहंद बांध का निरीक्षण करने के लिए गए थे।
सिंचाई विभाग की यह टीम शनिवार को डैम टॉप पर स्थित फाटक में हो रहे वाइब्रेशन (कंपन) की जांच करने पहुंची थी। जैसे ही फाटक खोला गया, नीचे छत्ते में मौजूद मधुमक्खियां अचानक सक्रिय हो गईं और पूरे दल पर हमला कर दिया।
हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कई लोग जान बचाने के लिए दौड़ पड़े। भागते समय कई अधिकारी गिर गए। जिससे उन्हें मधुमक्खियों के डंक के अलावा गिरने से भी चोटें आईं।
अधीक्षण अभियंता सीलचंद उपाध्याय को गंभीर चोटें आई हैं।
अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों को भी मधुमक्खियों ने बुरी तरह काटा। घायलों को तत्काल हिंडाल्को अस्पताल की इमरजेंसी यूनिट में भर्ती कराया गया। वहां से उपचार के बाद सभी को डिस्चार्ज कर दिया गया।सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता रूपेश खरे ने बताया कि शनिवार को बांध के गेटों की रूटीन चेकिंग चल रही थी। इस दौरान हलचल होने पर मधुमक्खियों ने हमला कर दिया।
बताया कि पूर्व में मधुमक्खी के छत्तों को हटाने के लिए जल विद्युत निगम की तरफ से फंड दिया जाता था। मगर दो वर्ष से कोई फंड नहीं मिला, जिससे मधुमक्खियों के छत्ते नहीं हटाए जा सके और यह घटना हो गई।