जिले की तीनों तहसीलों में मंगलवार को जिम्मेदारों ने फरियादियों की समस्याएं सुनी। 225 में से महज 22 मामले ही मौके पर निस्तारित हो सके। 203 मामलों को डीएम ने एक सप्ताह के भीतर निस्तारित करने का निर्देश संबंधितों को दिया।
दुद्धी संवाददाता के मुताबिक यहां तहसील दिवस की अध्यक्षता डीएम जीएस प्रियदर्शी ने की। कहा कि अधिकारी जन समस्याओं का निस्तारण करने में कोई लापरवाही न बरतें। शासन इसको लेकर संजिदा है। समस्याओं का निस्तारण निर्धारित समयावधि में करें। इस दौरान एसपी रामलाल वर्मा, सीडीओ महेंद्र सिंह और एसडीएम डा. विश्राम यादव ने समस्या सुनी। यहां कुल 83 मामले आए इनमें से आठ का मौके पर निस्तारण हुआ। शेष 75 मामले निस्तारित करने के लिए संबंधितों को निर्देश दिए गए।
सदर तहसील में एसडीएम सदर कैलाश सिंह के समक्ष 62 शिकायती पत्र आए। इसमें से चार मामलों का मौके पर निस्तारण हुआ। शेष 58 मामलों को समय सीमा के अंदर निस्तारित करने की हिदायत दी गई। यहां तहसीलदार योगेंद्र सिंह समेत अन्य मौजूद रहे। घोरावल प्रतिनिधि के अनुसार यहां तहसील दिवस की अध्यक्षता एसडीएम गिरजाशंकर सिंह ने की। यहां 80 शिकायती पत्रों में से महज दस का ही निस्तारण मौके पर हो सका। एसडीएम ने पुराने लंबित प्रकरणों के जल्द निस्तारण का भी निर्देश दिया।