सोनभद्र। इंटीग्रेटेड स्कीम फार स्कूली शिक्षा कार्यक्रम के तहत जिले के बेसिक स्कूलों में पढ़ाई को हाईटेक बनाने के लिए विभाग ने प्रत्येक ब्लाॅक के बीआरसी पर आईसीटी लैब की स्थापना की जाएगी। पहले चरण में जिले के आठ विकास खंडों में आईसीटी लैब के क्लास सेटअप के लिए बजट जारी कर दिया गया है।
आदिवासी बहुल सोनभद्र जिले में बेसिक शिक्षा विभाग के 2061 परिषदीय स्कूल संचालित हैं। सभी प्राथमिक, उच्च प्राथमिक, कंपोजिट और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में पढ़ाई के बेहतर माहौल और जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
इसी क्रम में शिक्षा के स्तर और शिक्षकों के गुणवत्ता को सुधारने के लिए जिले में ब्लॉक स्तर पर स्थापित आठ रिसोर्स सेंटर्स (बीआरसी) को अपग्रेड किया जाएगा। इसके तहत घोरावल, रावर्ट्सगंज, चोपन, चतरा, दुद्धी, नगवां, चतरा, म्योरपुर के बीआरसी पर केेंद्र सरकार के सहयोग से आईसीटी लैब की स्थापना होगी। जिसके तहत यहां पर ब्लॉक स्तर पर होने वाले सभी कामकाज की ऑनलाइन रिपोर्टिंग विभाग को जाएगी। इसके लिए चयनित आठ बीआरसी को एक कमरे में सेटअप तैयार करने के लिए 50-50 हजार की दर से चार लाख रुपये जारी कर दिए गए है। जिससे लैब के लिए फर्निचर और सीसीटीवी खरीदा जाएगा। हालांकि नव गठित करमा और कोन की बीआरसी को लैब के लिए लंबा इंतजार करना पड़ सकता है।
होंगे आधुनिक संसाधन
इसके तहत हर बीआरसी को कंप्यूटर, फर्नीचर सहित कई तरह की सुविधाओं से लैस किया जाएगा। पहले चरण में जिन आठ बीआरसी को धनराशि आवंटित की गई है। वहां शासन स्तर से लैब के लिए 7 कंप्यूटर, ओपीएस सहित इलेक्ट्रॉनिक पैनल, बैटरी, इनबिल्ट माइक्रोफोन सहित एचडी वेब कैमरा, मल्टी फंक्शन प्रिंटर सहित अन्य की आपूर्ति होगी। इस लैब के लिए कम से कम 30 मीटर लंबे और 18 फीट चौड़े कैमरे का वरियता मिलेगी। इसके निर्माण से ब्लाॅक स्तर पर शिक्षकाें को जरूरी चीजों की ट्रेनिंग कराई जा सकेगी। साथ ही विभाग को विद्यालय से संबंधित बीआरसी लेवल से जो भी जानकारी चाहिए। वे काफी आसानी से उपलब्ध हो सकी की। जिसका आदान-प्रदान काफी आसानी से हो सकेगा।
अभी 40 से 150 किमी दूर प्रशिक्षण के लिए आते हैं शिक्षक
अभी तक की व्यवस्था के अनुसार जब भी कोई तकनीकी प्रशिक्षण देना होता है तो दुद्धी, कोन, म्योरपुर, बभनी, नगवां से कई बार विद्यालयों के शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए अपने ब्लॉक से 40-150 किलोमीटर की दूरी तय कर जिला मुख्यालय स्थित डायट परिसर में आना होता है। ऐसे में एक ओर जहां समय खराब होना है तो दूसरी ओर आर्थिक चपत भी लगती है। लैब के निर्माण के बाद संबंधित सभी विद्यालयों के शिक्षकों की जरूरी ट्रेनिंग बीआरसी स्तर पर हो सकेगी।
इंटीग्रेटेड स्कीम फार स्कूली शिक्षा के तहत तक क्लास सेटअप के लिए बजट जारी कर दिया गया है। पहले चरण में कुल आठ स्थानों पर आईसीटी लैब की स्थापना होगी। - नवीन कुमार पाठक, बीएसए।