शक्तिनगर। कोयला एवं बिजली परियोजनाओं के साथ रेलवे की भूमि पर कई ग्राम पंचायतों की ओर से नियम विरुद्ध निर्माण कार्य एवं अनियमितताओं से संबंधित सूचना नहीं देने पर खंड विकास अधिकारी म्योरपुर पर सूचना आयोग ने 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। रजिस्टार उत्तर प्रदेश सूचना आयोग ने बीडीओ से 25 हजार अर्थदंड वसूली के लिए जिला विकास अधिकारी सोनभद्र को पत्र भेज तीन किस्तों में जुर्माना वसूली करने का आदेश दिया है।
म्योरपुर विकास खंड के उर्जाचल क्षेत्र में स्थित अधिकांश ग्राम सभाएं नेशनल थर्मल पावर कारपोरेशन (एनटीपीसी), नार्दन कोलफील्ड लिमिटेड (एनसीएल), रेलवे, लोक निर्माण विभाग एवं अन्य सरकारी निकायों की भूमि पर विधि विरुद्ध निर्माण कार्य कराए गए हैं। इस निमित्त आरटीआई एक्टिविस्ट हेमंत मिश्रा ने कई याचिकाएं उत्तर प्रदेश राज्य सूचना आयोग में दर्ज कराई गई हैं। इससे जुड़ी जानकारी नहीं देने व बार-बार टालमटोल करने के बाद आयोग ने रुख सख्त किया है। यह भी बताना है कि साल 2013 की ऐसी ही एक याचिका की सुनवाई पूर्व में राज्य सूचना आयुक्त एसएचए रिजवी द्वारा किया गया और खंड विकास अधिकारी म्योरपुर के विरुद्ध अर्थदंड लगाया गया था। इसी की वसूली के लिए आयोग द्वारा इसी माह दूसरा आदेश जारी किया गया है। जिला विकास अधिकारी सोनभद्र को संबोधित आदेश में रजिस्टार ने खंड विकास अधिकारी म्योरपुर के वेतन से तीन किस्तों में अधिरोपित राशि वसूल करने को कहा है। आरटीआई एक्टिविस्ट व याचिकाकर्ता हेमंत मिश्रा ने बताया कि पूर्व में भी सचिव पंचायत राज निदेशालय लखनऊ एवं खंड विकास अधिकारी म्योरपुर के विरुद्ध सूचना आयोग द्वारा अर्थदंड लगाया जा चुका है। बावजूद इसके सूचना देने में अधिकारी आनाकानी करते हैं।