राबर्ट्सगंज ब्लाक के बहुआर गांव स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय के छात्रों ने सोमवार को प्रधानाचार्या पर कई आरोप लगाकर भूख हड़ताल बैठ गए।
छात्रों के द्वारा उठाए गए इस कदम से विद्यालय में हड़कंप की स्थिति उत्पन्न हो गई। बाद में घटना की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय विधायक रमेश चंद्र दूबे के साथ एसडीएम सदर हर्षदेव पांडेय मौके पर पहुंचे।
जनप्रतिनिधि और एसडीएम ने छात्रों की समस्या को सुना। साथ ही समस्या का निदान कराने का आश्वासन दिया। इस पर छात्रों ने भूख हड़ताल समाप्त की।
अनशनरत छात्रों का आरोप था कि प्रधानाचार्य की मनमानी की वजह से उन्हें मीनू के अनुसार भोजन नहीं मिल रहा है। शुद्ध पेयजल सहित अन्य सुविधाएं भी उन्हें नहीं दी जा रही हैं।
सुबह करीब सात बजे छात्रों को नाश्ता करने के लिए बुलाया गया तो वे नाश्ता करने से इंकार करते हुए धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिए। इसकी जानकारी मिलने पर सुबह करीब दस बजे उपजिलाधिकारी हर्षदेव पांडेय और कोतवाल केडी यादव ने धरनास्थल पर पहुंच कर उन्हें समझाने का प्रयास किया।
लेकिन छात्र अपनी मांग पूर्ण किए जाने पर अड़े रहे। छात्रों ने कहा कि मीनू के हिसाब से उन्हें भोजन नहीं दिया जा रहा है। हास्टल में गंदगी होने और दूषित पानी का सेवन करने से बीमारी हो रही है।
एक शिक्षक अपने बेटे को पढ़ाने के लिए सिर्फ कंप्यूटर कक्ष को खोलता है। इसकी जानकारी होने के बाद भी प्रधानाचार्या मौन धारण की हुई है। इस दौरान घोरावल विधायक रमेश चंद्र दूबे भी पहुंच कर छात्रों की समस्याएं सुनीं।
विधायक और एसडीएम ने प्रधानाचार्या को दो दिन के भीतर दो आरो प्लांट लगवाने और चार टैंकरों से पेयजलापूर्ति कराने को कहा। एसडीएम ने कहा कि संविदा पर दो सफाईकर्मी तैनात कर साफ-सफाई कराएं और मीनू के अनुसार बच्चों को हरहाल में भोजन दिया जाए।
चार घंटे बाद भूख हड़ताल समाप्त कर विधायक और एसडीएम के साथ छात्रों ने बैठ कर नाश्ता किया। छात्रों के अनशन समाप्त होने पर शिक्षकों ने राहत की सांस ली। प्रधानाचार्या डा. नीलम श्रीवास्तव ने कहा कि मीनू के अनुसार छात्रों को भोजन दिया जाता है। इसके बावजूद छात्र भूख हड़ताल कर पठन-पाठन में व्यवधान उत्पन्न कर रहे हैं।