भूतत्व एवं खनिकर्म मंत्री गायत्री प्रजापति की बर्खास्तगी और प्रमुख सचिव गुरदीप सिंह के हटाए जाने के बावजूद खदानों में न सिर्फ विस्फोट हो रहे हैं, बल्कि बोल्डर का परिवहन भी हो रहा है। प्रतिबंधित खनन क्षेत्रों में पोकलेन मशीनें का धड़ल्ले से चलाई जा रही हैं। वीआईपी सिंडिकेट से जुड़े लोगों की खदानें होने के नाते प्रशासनिक अमला कार्रवाई करने की हिम्मत नहीं जुटा पाता है।
पिछले वर्ष डेंजर जोन में पहुंच चुकी 25 खदानों में जिला प्रशासन ने खनन पर रोक लगा दी थी। चूंकि इन खदानों के संचालक वीआईपी सिंडिकेट चलाने वाले थे, इसलिए छह अप्रैल को प्रतिबंधित खदानों में खनन करने की इजाजत दे दी गई। हालांकि खान सुरक्षा निदेशालय ने जिला प्रशासन को साफतौर पर हिदायत दी थी कि विस्फोट करने और लटक रहे पत्थरों को तोड़ने के लिए निदेशालय की इजाजत ली जाए मगर वीआईपी सिंडिकेट में शामिल लोगों ने खनन विभाग, ओबरा थाना और डाला पुलिस चौकी की मिलीभगत से खदानों में काम शुरू करा दिया।
मंगलवार को बिल्ली मारकुंडी के प्रतिबंधित खदान में बोल्डरकी ढुलाई में 20 से अधिक वाहन लगे थे। दोपहर में 12 बजे से दो बजे तक खदानों में विस्फोट होता है। प्रतिबंधित खदान में काम होने की सूचना एक आलाधिकारी के मोबाइल पर दी गई। उन्होंने तत्काल अधिकारी को मौके पर भेजने कहा। आलाधिकारी के कहने के बावजूद शाम को पांच बजे तक इस खदान में बदस्तूर बोल्डर परिवहन होता रहा।