रिहंद डैम पर स्थापित तीन सौ मेगावाट क्षमता वाले जल विद्युत गृह की पचास मेगावाट वाली पहली इकाई मंगलवार को सफलतापूर्वक उत्पादन पर ले ली गई। इसके साथ ही परियोजना का उत्पादन बढ़कर दो सौ मेगावाट पहुंच गई। दो इकाइयां अभी भी अनुरक्षण में हैं। उन्हें दिसंबर तक उत्पादन पर आने की उम्मीद जताई जा रही है।रिहंद विद्युत गृह में पचास-पचास मेगावाट की छह इकाइयां स्थापित हैं।
इसमें तीसरी, चौथी, पांचवीं इकाई से ही अब तक उत्पादन बना हुआ था। पहली, दूसरी और छठीं इकाई को काफी समय पूर्व वृहद अनुरक्षण के लिए भेल को सौंप दिया गया है। इसमें से पहली इकाई मंगलवार को चालू कर ली गई। हालांकि अभी इस इकाई को वाणिज्यिक लोड पर आना बाकी है। इसलिए इस उत्पादन की आन द रिकार्ड गणना नहीं की जा रही है लेकिन इससे उत्पादन होने वाली बिजली ग्रिड को मिलनी शुरू हो गई है।
उधर, अधीक्षण अभियंता जल विद्युत गृह इं. शैलेश सिंह ने भी पहली इकाई को उत्पादन पर आने की पुष्टि की। बताया कि कुछ दिन तक इसे नियमित चलाकर वाणिज्यिक लोड पर दे दिया जाएगा। फिलहाल इस इकाई से लगातार पचास मेगावाट उत्पादन जारी है। वहीं पहले से उत्पादन पर चल रहीं तीन इकाइयों से डेढ़ सौ मेगावाट बिजली पैदा की जा रही है।