यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर मंगलवार जिले के बैंक कर्मी हड़ताल पर रहे। विभिन्न बैंकों की जिले में मौजूद 197 शाखाओं में कामकाज ठप रहा। मुख्य गेट पर ताला जड़कर कर्मचारियों ने प्रदर्शन और नारेबाजी की। पहले ही तीन दिन से बैंकों में अवकाश के बाद कर्मचारियों की हड़ताल ने वित्तीय व्यवस्था पर बड़ा असर डाला। पूरे जिले में हड़ताल से करीब 200 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित रहा। रोडवेज मोड़ स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा पर कर्मचारी एकत्रित हुए। यहां से जुलूस की शक्ल में सिविल लाइन स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा पर पहुंचे। फिर आयार्वत बैंक, केनरा बैंक, यूनियन बैंक, यूको बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा सहित अन्य बैंकों की शाखाओं को बंद कराते हुए पूरे नगर का भ्रमण किया। राष्ट्रीयकृत बैंकों के अलावा निजी क्षेत्र के एचडीएफसी, एक्सिस, कोटक महिंद्रा सहित अन्य बैंकों में भी कर्मचारियों ने पहुंचकर कामकाज बंद कराया। प्रदर्शन में शामिल कर्मचारी बैंकों में कामकाज पांच दिन का करने की मांग कर रहे थे। प्रदर्शन में सभी संवर्गों के बैंक कर्मचारी बड़ी संख्या में शामिल हुए। कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग न केवल बैंक कर्मियों के कार्य-जीवन संतुलन के लिए आवश्यक है, बल्कि इससे बैंकिंग सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता भी बेहतर होगी। धरना स्थल पर वक्ताओं ने कहा कि बैंक कर्मचारी पहले से ही अत्यधिक कार्यभार और दबाव में कार्य कर रहे हैं, ऐसे में पांच दिवसीय बैंकिंग एक लंबे समय से लंबित और न्यायसंगत मांग है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन में यूनियन के अध्यक्ष राजीव रंजन, उपाध्यक्ष अरविंद कुमार, सचिव मुकेश कुमार, सत्यम श्री, सारंग देव सिंह, राम सिंह, प्रियंका सिंह, गायत्री राव, प्रसून सिंह, नीरज कुमार, रीकेश, रेखा, अजय, मुकेश, सुजीत, अविनाश, दीपेश त्रिपाठी, महेश, रामजी, राजेश, लालिमा, विकास, पूजा आदि शामिल रहे।
जिले में विभिन्न राष्ट्रीयकृत, सहकारी, ग्रामीण व निजी क्षेत्र के बैंकों की कुल 197 शाखाएं हैं। कर्मचारियों की हड़ताल से करीब 200 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित होने का अनुमान है।
- सलनन बागे, लीड बैंक प्रबंधक।
पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर सभी बैंकों के कर्मचारियों ने हड़ताल में सक्रिय रूप से सहभागिता निभाते हुए अपनी ताकत दिखाई। अगर मांगों पर समुचित कार्रवाई नहीं की जाती तो आगे आंदोलन तेज किया जाएगा।
- राजीव रंजन, अध्यक्ष, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस।