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बाल सखा सुदामा से मिलकर रो पड़े श्रीकृष्ण

Sat, 30 Jan 2016 11:15 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो (सोनभद्र)
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 स्थित रामलीला मैदान में चल रही रासलीला में शनिवार को श्रीकृष्ण और सुदामा संवाद का मंचन किया गया। कलाकारों ने दोनों पात्रों की बेहतर भूमिका निभाई, जिसे देखकर श्रद्धालु भावुक हो उठे। श्रीकृष्ण के विभिन्न रूपों का दर्शन भी श्रद्धालुओं ने किया। इस दौरान श्रीकृष्ण के जमकर जयकारे लगे।
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शनिवार को सुदामा चरित्र मंचन में बाल सखा सुदामा से गले मिल उसकी दुर्दशा देख द्वारिकाधीश श्रीकृष्ण रो पड़े और उनके नेत्रों से निकल रहे आंसुओं से सुदामा के श्रीचरण धुले। पत्नी द्वारा श्रीकृष्ण के लिए भेंट स्वरूप भेजे गए चावल की पोटली को संकोच वश छिपाने का प्रयास कर रहे सुदामा से पोटली लेकर दो मुठ्ठी चावल खाकर द्वारिकाधीश उसे दो लोकों का वैभव प्रदान करते हैं। तीसरी बार खाने का उपक्रम करने पर पटरानी रुकमणि रोक देती हैं। इस मार्मिक मंचन को देख लीला पंडाल में उपस्थित हजारों दर्शक भावुक हो उठे। चोपन बैरियर रामलीला के तत्वावधान में चल रही 11 दिवसीय श्रीकृष्ण लीला में कंस वध के बाद श्रीकृष्ण नाना उग्रसेन महाराज को फिर से राजपाट सौंप देते हैं। अब वासुदेव श्रीकृष्ण को शिक्षा हेतु उज्जैन में संदीपन गुरु की पाठशाला भेजते हैं।

रास्ते में कांटा चुभने से कराह रहे सुदामा की कन्हैया से पहली मुलाकात होती है। यहां कन्हैया अपने मुंह से उनके पैर का कांटा निकाल उसे अपना मित्र बना लेते हैं और फिर दोनों एक साथ गुरु की पाठशाला पहुंचते हैं। सबक भूलने पर गुरु जी दोनों को दो मुठ्ठी चने देकर लकड़ी लाने जंगल भेजते हैं। यहां सुदामा भूख लगने पर कन्हैया के हिस्से का चना खा जाते हैं, जिससे रुष्ट हो गुरु जी सुदामा को दरिद्र होने का श्राप देते हैं। पाठशाला में शिष्य मुर्खानंद अपनी शरारतों से दर्शकों को खूब हंसाते हैं। इस अवसर पर आनंद अग्रवाल, प्रदीप अग्रवाल, राजेश साहनी, विमल साह,मुन्ना देव, सुनील सिंह, सत्यप्रकाश तिवारी, विनोद साह, पिन्नु       सरदार, महानंद पांडेय, मंजू मोहन पांडेय मौजूद रहे।
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