जिला पंचायत के प्रशासनिक सभागार में शनिवार को बोर्ड की हुई बैठक में कई विभाग के उच्चाधिकारी नदारद रहे। इससे नाराज होकर सदस्यों ने जमकर हंगामा किया। उन्होंने क्षेत्र मेें हैंडपंप लगवाने की मांग की। इस दौरान वर्ष 2014-15 में जिला पंचायत के बैरियर के हुए ठेका से संबंधित पत्रावलियों का भी मुद्दा उठा। अध्यक्षता कर रहे जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव ने सदस्यों को समझाबुझा कर शांत कराया। इसके बाद बैठक की कार्यवाही पूर्ण हुई।
जिला पंचायत अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि पूरे जिले में आवश्यकतानुसार विकास कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए सभी सदस्यों का सहयोग चाहिए। विधायक अविनाश कुशवाहा, घोरावल रमेश चंद्र दूबे, और रूबी प्रसाद ने कहा कि जिला पंचायत सर्वाधिक बजट पर पेयजल पर खर्च किया जाएं, ताकि जनपदवासियों को पेयजल समस्या से निजात मिल सकें। उन्होंने कहा कि सपा सरकार जनहित में ढेर सारी योजनाएं संचालित कर रही है। इसका लाभ पात्र व्यक्तियों को दिलाने का कार्य करें।
इसके पूर्व सदस्यों ने उच्चाधिकारियों के न पहुंचने पर नाराजगी जताते हुए हंगामा किया। सदस्यों का कहना था कि बैठक से नदारद रहने वाले अधिकारियों से जवाब तलब कर उनके विरुद्ध कार्रवाई के लिए लिखा पढ़ी की जाए। पिछले वर्ष जिला पंचायत के बैरियर के ठेका में हुई गड़बड़ी की जांच कर संबंधितों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। हालांकि जिला पंचायत अध्यक्ष ने सदस्यों को समझाबुझा कर शांत किया। अपर अपर मुख्य अधिकारी आलोक सिंह ने बताया कि बैठक में कुछ अधिकारियों के शामिल न होने पर सदस्य हंगामा कर रहे थे। बैठक में बीना सिंह, विनोद मौर्य, मनोज सोनकर, राजकुमार, रमाकांत आदि रहे।