कार्यकर्ताओं ने विभाग के अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं ने कहा कि अधिकारी बिजली कटौती को लेकर संवेदनहीन हैं। भीषण गर्मी में जहां लोग परेशान हैं और उनकी रात की नींद खराब हो रही है, वहीं विद्युत विभाग के अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं।
दोपहर करीब एक बजे नगर अध्यक्ष गौरव शुक्ला की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी करते हुए धर्मशाला चौक पर पहुंच कर पुतला फूंका। सभा को संबोधित करते हुए जिलामंत्री मनीष अग्रहरि और नीरज चौबे ने कहा कि जिले मेें सर्वाधिक बिजली उत्पादन का केंद्र है।
लेकिन दुर्भाग्य है कि यहां के लोगों को बिजली नसीब नही हो रही है। प्रदेश में बिजली की हो रही अंधाधुंध कटौती से समाज का हर वर्ग त्रस्त है। खास कर गरीब तबका जिसे हर आेर से परेशानी है।
गौरव शुक्ला, अमित दूबे, प्रेम प्रकाश और राजीव पटेल ने कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने पिछले माह अनपरा परियोजना के उद्घाटन के वक्त कहा कि था कि जिले को 22 घंटे बिजली मिलेगी, लेकिन सिर्फ 12 घंटे बिजली मिल रही है। सरकार की यह नीति कथनी आैर करनी में फर्क पैदा कर रही है। सरकार क चाहिए कि प्रदेश में बिजली आपूर् की व्यवस्था बेहतर करे। कम से कम जिले को तो तरीके से बिजली मिले। ताकि लोग राहत ले सकें।
लवकुश चौबे और निखिल ने कहा कि नगर के जर्जर तार व विद्युत उपकरणों के कारण अक्सर विद्युत आपूर्ति बाधित हो रही है। बिजली विभाग सरकारी धन का दुरुपयोग कर रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए। पुतला दहन करने में शुभम शुक्ला, लड्डू, सच्चिदानंद, किशन केशरी, महेश सोनी, अनुराग श्रीवास्तव, अमित पांडेय, जितेंद्र सिंह के साथ ही काफी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।