शक्तिनगर। सीमा से सटे मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिला आदिम जाति कल्याण विभाग में पदस्थ एक बाबू को रीवा लोकायुक्त पुलिस ने पांच हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ कर टीम अन्य कार्रवाई में जुटी है।
देवसर परियोजना कार्यालय में चपरासी के पद पर कार्यरत श्रवण तिवारी ने अपने इंक्रीमेंट के भुगतान के लिए फाइल आगे बढ़ाने का आग्रह किया था। आरोप है कि विभाग में पदस्थ लिपिक (बाबू) मुन्नालाल वर्मा ने इसके एवज में सात हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।
परेशान होकर पीड़ित श्रवण तिवारी ने 25 मई को रीवा लोकायुक्त कार्यालय पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले को गंभीरता से लिया और एक योजना तैयार की।
शनिवार दोपहर जैसे ही आरोपी मुन्नालाल वर्मा ने एनटीपीसी विंध्याचल के यमुना भवन स्थित कार्यालय में रिश्वत की पहली किस्त के रूप में पांच हजार रुपये लिए, पहले से ही घात लगाए बैठी लोकायुक्त टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया।
लोकायुक्त पुलिस की गई इस त्वरित कार्रवाई से विभाग के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। वर्तमान में आरोपी बाबू से पूछताछ की जा रही है और लोकायुक्त की टीम मामले से जुड़े अन्य दस्तावेजों की जांच में जुटी है।