Sonbhadra News: आरोप है कि सुबह 7 बजे आदर्श विद्यालय के मोड़ पर उनके बेटे अधिवक्ता आलोक उर्फ अंशु राय को सूरज सिंह, पंकज सिंह और तीन अज्ञात लोगों ने घेर लिया। उससे गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर मोहल्ले वाले पहुंचे तभी सूरज सिंह और उनके साथियों ने बेटे अंशु राय को गोली मार दी। बदमाश असलहा लहराते हुए बाइक से कचहरी की ओर भाग गए।
युवा अधिवक्ता की साढ़े ग्यारह वर्ष पूर्व गोली मारकर हुई हत्या के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम एहसानुल्लाह खां की अदालत ने बभनी के ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि राजन सिंह समेत दो को आर्म्स एक्ट में दोषी करार दिया है। बुधवार को सुनवाई के बाद दोनों को पुलिस कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया। अब इस मामले में 5 अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी।
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अभियोजन पक्ष के मुताबिक, सोनभद्र बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष ओम प्रकाश राय ने राबर्ट्सगंज कोतवाली में एक मई 2012 को दी तहरीर में आरोप लगाया कि सुबह 7 बजे आदर्श विद्यालय के मोड़ पर उनके बेटे अधिवक्ता आलोक उर्फ अंशु राय को सूरज सिंह, पंकज सिंह और तीन अज्ञात लोगों ने घेर लिया। उससे गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। शोर सुनकर मोहल्ले वाले पहुंचे तभी सूरज सिंह और उनके साथियों ने बेटे अंशु राय को गोली मार दी।
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बदमाश असलहा लहराते हुए बाइक से कचहरी की ओर भाग गए। अंशु को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इस तहरीर पर पुलिस ने दो नामजद और तीन अज्ञात लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर विवेचना की। विवेचना के दौरान ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि बभनी राजन सिंह, अरविंद सिंह समेत अन्य लोगों का नाम प्रकाश में आया। पुलिस ने गिरफ्तार कर राजन सिंह के पास से एक पिस्टल व 6 कारतूस बरामद किया था।
वहीं, अरविंद सिंह के पास से एक तमंचा और दो कारतूस बरामद हुआ था। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने आर्म्स एक्ट में ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि बभनी राजन सिंह और अरविंद सिंह को दोषी करार दिया। उन्हें पुलिस कस्टडी में लेकर जेल भेज दिया गया। इस मामले में पांच अप्रैल को सजा सुनाई जाएगी। इस घटना में दो अन्य आरोपियों को कोर्ट ने दोषमुक्त करार दिया।