यूपी क्षेत्र में एनसीएल दुद्धीचुआ कोयला क्षेत्र के असिस्टेंट मैनेजर को लोकायुक्त रीवा की टीम ने बृहस्पतिवार सुबह घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई पीड़ित की शिकायत व सूचना पर मैनेजर के मप्र (जयंत) स्थित आवास पर की गई।
लोकायुक्त के डिप्टी एसपी प्रवीण सिंह परिहार ने बताया कि मध्य प्रदेश के सीधी जिले के रहने वाले उमेश कुमार साहू उमेश इंटरप्राइजेज नाम से फर्म संचालित करते हैं। इस फर्म के जरिए उन्होंने अपने बोलेरो को एनसीएल दुद्धीचुआ में संविदा के आधार पर नियोजित किया था। बोलेरो किराए के मद में बकाया 4.80 लाख व जमानत राशि 36 हजार रुपये रिलीज करने के लिए दुद्धीचुआ के विद्युत एवं यांत्रिकी (ईएंडएम) विभाग के असिस्टेंट मैनेजर अभिषेक त्रिपाठी से आग्रह कर रहे थे, लेकिन अभिषेक इसके बदले रुपये की मांग कर रहे था। जिसकी उमेश ने लोकायुक्त में शिकायत दर्ज कराई। लोकायुक्त एसपी के निर्देश पर टीम बृहस्पतिवार सुबह अधिकारी के आवास पर पहुंची थी। इसी दौरान उमेश घूस की तय रकम 12 हजार लेकर पहुंचे और टीम ने रंगे हाथ अधिकारी को दबोच लिया। लोकायुक्त के डिप्टी एसपी राजेश पाठक ने बताया कि आरोपी नार्दन कोल फील्ड लिमिटेड में पदस्थ था। इसे प्रति माह लगभग डेढ़ लाख रुपये वेतन मिलते थे। द्वितीय श्रेणी अधिकारी होते हुए भी 12 हजार रिश्वत लिया और पकड़ा गया। इस कार्रवाई में लोकायुक्त पुलिस की 12 सदस्यीय टीम में उप निरीक्षक रितु शुक्ला, आकांक्षा पांडेय, मुकेश मिश्रा, पवन पांडेय, आरक्षक शाहिद खान, सुजीत साकेत, सुभाष पांडेय आदि मौजूद रहे।