जनपद के चारों विधानसभा सीटों के 1348 मतदेय स्थलों पर इस बार मतदान होगा। आयोग ने जिला प्रशासन को बूथों पर पेयजल, रोशनी, मतदान कर्मियों एवं वोटरों को आने-जाने के लिए सड़क आदि का प्रबंध कराने का निर्देश दिया है। बावजूद इसके अभी तक नक्सल क्षेत्र के कई मतदेय स्थलों पर समस्याएं है। इसको दूर करने के लिए डीएम सीबी सिंह ने संबंधित विभागों के उच्चाधिकारियों को पांच दिनों के भीतर बूथों पर व्याप्त समस्याओं को दूर कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है।
भारत निर्वाचन आयोग नक्सल प्रभावित मिर्जापुर, सोनभद्र और चंदौली जिले में चुनाव को लेकर गंभीर है। चुनाव के दौरान मतदेय स्थलों पर किसी प्रकार का बवाल न हों इसके लिए आयोग ने जिला प्रशासन को बूथों पर सुरक्षा के कड़े इंतेजाम के साथ ही वहां, बिजली, पेयजल, आने-जाने के लिए सड़क आदि का इंतजाम कराने का निर्देश दिया है। सोनभद्र में आठ मार्च को 927 मतदान केंद्र एवं 1348 बूथों पर वोटिंग होगी। राबर्ट्सगंज, घोरावल, दुद्धी और ओबरा विधान सभा क्षेत्र में क्रिटिकल 220 मतदेय स्थल व बन्नरेबल 137 बूथ हैं। घोरावल विस में पांच जोनल, 30 सेक्टर मजिस्ट्रेट, राबर्ट्सगंज में सात जोनल, 38 सेक्टर, ओबरा में सात जोनल, 24 सेक्टर और दुद्धी में सात जोनल व 31 सेक्टर मजिस्ट्रेट मतदेयस्थलों का भ्रमण कर तैयारियों का जायजा लेकर डीएम को रिपोर्ट दे रहे हैै।
निर्वाचन सेल कार्यालय से मिली जानकारी चेरूई, कजियारी, बाकी, सूअरसोत समेत करीब 40 मतदेय स्थलों पर अभी बिजली नहीं हैै। नक्सल इलाके चेरूई मरकुंडी समेत कई बूथों पोलिंग पार्टियों एवं वोटरों को आने-जाने के लिए पक्की सड़क भी नहीं है। जिला निर्वाचन अधिकारी सीबी सिंह ने कहा कि बिजली विभाग के एक्सईएन को बिजली, पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को सड़क, जल निगम के एक्सईएन को पांच दिनों के भीतर समस्याओं को दूर कराकर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया हैै।