मिर्जापुर मंडल के सबसे बड़े करमा साधन सहकारी समिति के साथ ही इससे संबद्ध फुलवारी और पांपी समिति पर बोरे के अभाव में कई दिनों से धान की खरीद बंद है।
करमा साधन सहकारी समिति के साथ ही उससे संबद्ध फुलवारी और पांपी समिति से 5200 किसान सदस्य जुड़े हैं। इसमें 250 किसान मिर्जापुर जिले के राजगढ़ ब्लॉक के सदस्य हैं। करमा साधन सहकारी समिति पर12 हजार कुंतल धान खरीदने का लक्ष्य है। अभी तक सिर्फ 3600 कुंतल धान की खरीद हुई है। यहां पर 50 लाख रुपए किसानों का बकाया है। अभी तक सिर्फ दो लाख रुपए का धान बिक्री का किसानों को भुगतान हुआ है। फुलवारी समिति पर10 हजार कुंतल धान खरीद का लक्ष्य है, जबकि अभी तक सिर्फ 1912 कुंतल धान की खरीद हुई है। यहां पर 21 लाख रुपए किसानों का बकाया है सिर्फ सात लाख रुपये का भुगतान किया गया है।
पांपी समिति पर भी10 हजार कुंतल धान खरीद का लक्ष्य है, जबकि अभी तक सिर्फ एक हजार कुंतल धान की खरीद हुई है। यहां पर किसानों का12 लाख रुपये बकाया है, सिर्फ दो लाख रुपये का भुगतान हुआ है। करमा के किसान विशाल सिंह, धौरहरा के किसान धर्मराज सिंह, सिरसिया जेठी के किसान जितेंद्र शुक्ला, सिरविट के किसान वीरेंद्र सिंह, करनवाह के किसान विंध्यवासिनी सिंह और मदैनिया के किसान धीरज कुमार का कहना है कि धान की खरीद न होने से धान डंप पड़ा है।
इसके अलावा जो धान की बिक्री हुई है उसका भुगतान भी नहीं मिला। उधर, समिति के प्रभारी वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव कहते हैं कि समस्या को लेकर वह पीसीएफ के जिला प्रबंधक से गुहार लगा चुके हैं। मगर अभी तक बोरा नहीं मुहैया कराया गया। इस नाते धान खरीद बंद है। भुगतान भी बजट न मिलने के नाते लटका है।