फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएसए से स्पष्टीकरण तलब

Tue, 28 Mar 2017 10:55 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला/सोनभद्र
विज्ञापन
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग में आठ शिक्षकों की फर्जी नियुक्ति का मामला उजागर होने के बाद अब डिस्पैच रजिस्ट्रर में नंबर डालकर कालम खाली छोड़ने के मामले में बीएसए और संबंधित कर्मी फंस गए हैं। डीएम पीके उपाध्याय ने रजिस्टर की जांच पड़ताल करने के बाद बीएसस से स्पष्टीकरण मांगा है। अब मामला पकड़ में आने के बाद बेसिक शिक्षा कार्यालय में हड़कंप की स्थिति हो गई है। डीएम का कहना है जांच पड़ताल में ऐसा लगता है कि इतनी बड़ी संख्या में खाली जगह छोड़ने से विभाग के लोग बैक डेट में बड़े बड़े काम करने की तैयारी में थे।
विज्ञापन


बेसिक शिक्षा विभाग में गोलमाल किसी से छुपा नहीं है। अध्यापकों के तबादले के मामले हो या सरकारी योजनाओं में बंदरबंाट। जिसे जहां मौका मिला उसने वहां लूटखसोट मचाई। डीएम पीके उपाध्याय ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली रही थी कि बेसिक शिक्षा अधिकारी और उनके कर्मचारी डिस्पैच रजिस्टर में नंबर देकर भारी संख्या में जगह छोड़े हुए हैं। शिकायतकर्ता का कहना था कि ये लोग बैक डेट में अलग-अलग तरह के आदेश करने की तैयारी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही डीएम ने रजिस्टर तलब कर लिया।

जांच के दौरान दिनांक और संख्या देखकर उनके होश उड़ गए। सात अक्तूबर में तीन, 13 अक्तूबर में चार, आठ नवंबर में छह, 21 नवंबर में एक 29 नवंबर में छह, तीन की तारीख में एक डिस्पैच नंबर तो अंकित मिला मगर बाकी के कालम खाली मिले। इसी तरह 13 दिसंबर से लेकर 31 दिसंबर तक 87 जगह सिर्फ डिस्पैच नंबर ही मिला।  31 दिसंबर में सबसे अधिक 51 खाली स्थान जबकि 21 दिसंबर में 25 जगह पर छोड़ा गया था। इसी तरह दस जनवरी में चार, 13 में छह, तीन, छह और दस फरवरी में चार चार, 22 फरवरी में तीन और 27 मार्च में पांच स्थान में कुछ लिखा नहीं था।  तीन मार्च से 21 मार्च तक 40 स्थान पर डिस्पैच नंबर डाल छोड़ दिया गया। डीएम ने बताया कि 16 मार्च के स्थान पर सिर्फ डू लिख दिया गया था। 
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें