सोनभद्र। उप्र में घट रही साख से पड़ोसी राज्यों के नक्सली बौखला गए है। मंगलवार की रात जिले से सटे बिहार केचिउटिया जंगल में हथियार से लैश 12 से15 संदिग्धों के दिखाई देने से हड़कंप मच गया। चर्चा है कि असलाहाधारी नक्सली थे। उधर खुफिया तंत्रों से बार्डर के समीप संदिग्धों के मौजूद होने की सूचना मिलते ही पुलिस ने सीमावर्ती इलाकों में कांबिंग तेज कर दी है। एसपी आशीष श्रीवास्तव ने मातहतों को संदिग्धों को गिरफ्तार करने का आदेश दिया है।
मालूम हो कि पूर्व में पड़ोसी बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ में नक्सली घटनाओं को अंजाम देने के बाद सोनभद्र के सीमावर्ती इलाकों में पनाह लेते रहे हैं। लेकिन वर्ष 2012 में चोपन थाना क्षेत्र के बेलछ जंगल में मुठभेड़ के दौरान पुलिस ने कुख्यात नक्सली मुन्ना विश्वकर्मा एवं उसके साथियों को असलहों के साथ गिरफ्तार कर नक्सली मूवमेंट पर विराम लगा दिया। उसके बाद से अब तक यूपी में नक्सली वारदात नहीं हुआ है।
सूत्रों की मानें तो पड़ोसी राज्यों में नक्सली वारदातों को अंजाम देकर पुलिस की नाक में दम करने वाले नक्सली एक बार फिर से यूपी में अपना वर्चस्व कायम करने की फिराक में हैं। क्योंकि वहां की पुलिस ने उनके खिलाफ अभियान छेड़ रखा है। फोर्स से बचने और यूपी में घट रही साख को पूरा करने के लिए नक्सली जिले में प्रवेश कर किसी नक्सली घटना को अंजाम देने की फिराक में हैं। लेकिन बार्डरों पर तैनात जवानों की सक्रियता से नक्सलियों के मंसूबों पर पानी फिर जा रहा है। कुछ दिन पूर्व जिले से महज करीब 12 किलो मीटर की दूरी पर बिहार में बम मिलने और मंगलवार की रात सासाराम जिले के चिउटिया जंगल में 12 से15 संदिग्ध व्यक्तियों के दिखाई देने से नक्सलियों के बार्डर पर मौजूद होने की संभावना को बल दे दिया है। खुफिया एजेंसियों से पुलिस को पड़ोसी राज्यों में नक्सलियों के सक्रियता का इनपुट मिलने के बाद पुलिस महकमा चौकन्ना हो गया है। बुधवार को मांची, कोन समेत अन्य थाना क्षेत्रों में पुलिस ने सघन कांबिंग की। इस दौरान पुलिस कर्मियों ने रहवासियों से संदिग्धों के बारे में पूछताछ कर जानकारी हासिल की।
बिहार, झारखंड एवं छत्तीसगढ़ में नक्सलियों की सक्रियता को देखते हुए सीमावर्ती इलाकों में पुलिस द्वारा सघन कांबिंग की जा रही है। बार्डरों पर फोर्स और जंगली इलाकों में मुखबिरों को अलर्ट कर दिया गया है। चिउटिया जंगल में नक्सलियों की मौजूद होने की सूचना नहीं है। बावजूद इसके सर्तकता बरती जा रही है। जंगली रास्तों पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है।
आशीष श्रीवास्तव, पुलिस अधीक्षक