अनपरा को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की मांग पूरी होने के करीब पहुंच गई है। सीएम की तरफ से अनपरा आगमन के समय दिए गए निर्देश के बाद सर्वे का काम पूरा कर लिया गया है। सभी मानक पूरे पाए गए हैं। एसडीएम दुद्धी डा. विश्राम सिंह यादव की ओर से डीएम के जरिए आवश्यक संस्तुति के साथ रिपोर्ट भी शासन को भेज दी गई है।अनपरा को नगर निकाय का दर्जा दिए जाने की मांग लंबे समय से उठ रही है।
वर्ष 2011 में दुद्धी के तत्कालीन एसडीएम घनश्याम ने अनपरा को तृतीय श्रेणी की नगरपालिका का दर्जा दिए जाने की संस्तुति के साथ रिपोर्ट प्रेषित की, लेकिन प्रस्ताव मंजूर नहीं हो पाया। 31 मार्च 2015 को अनपरा डी की पहली इकाई के लोकार्पण के लिए आए सीएम अखिलेश यादव के समक्ष भी यह मामला उठा तो उन्होंने अनपरा को नगर पंचायत दर्जा देने के लिए मानकों के परीक्षण का निर्देश दे दिया। इस क्रम में एसडीएम डा. विश्राम ने अनपरा ग्राम पंचायत का सर्वे किया।
मानक के अनुरूप नगर पंचायत के लिए 95 फीसद अकृषि भूमि, ज्यादातर लोग साक्षर, बैंक एवं अन्य सुविधाएं होनी चाहिए। एसडीएम के मुताबिक नगरपंचायत के लिए जो भी मानक हैं। वह अनपरा में पूरी तरह पाए गए हैं। अनपरा ग्राम पंचायत जरूर है लेकिन यहां इंटर कालेज, कई बैंक शाखाएं, विकसित बाजार, नौकरीपेशा और बड़े कारोबारियों का निवास यहां की स्थिति को नगरीय बनाता है। इसलिए अनपरा का नगर पंचायत बनना जरूरी है। इसी से विकास होगा।
बताया कि संस्तुति के साथ रिपोर्ट आगे बढ़ा दी गई है।
डीएम सीबी सिंह ने भी इसकी पुष्टि की। कहा कि एसडीएम ने जो रिपोर्ट भेजी थी। उसे शासन को संदर्भित कर दिया गया है। इसका निर्णय शासन को लेना है। वह जो भी निर्णय ले।