बारिश थमने के बाद कोयला आपूर्ति में हुए सुधार का असर बिजली परियोजनाओं में दिखने लगा है। लैंको की छह सौ मेगावाट वाली दूसरी इकाई जहां बुधवार रात उत्पादन पर ले ली गई। वहीं अनपरा परियोजना की 210 मेगावाट वाली तीसरी और अनपरा डी की पांच सौ मेगावाट वाली दूसरी इकाई को गुरुवार को लाइटअप कर बिजली उत्पादन शुरू कर दिया गया। शुक्रवार से इन इकाइयों से बेजतर उत्पादन की उम्मीद जताई जा रही है।
लगातार बारिश के चलते कोयले का गीलापन और कोयला आपूर्ति में आई कमी ने बिजलीघरों में हायतौबा की स्थिति पैदा कर दी पथी। अनपरा परियोजना को जहां 210 मेगावाट क्षमता वाली दो इकाइयों को बंद करने का निर्णय लेना पड़ा था। वहीं तकनीकी कारणों से ट्रिप हुई छह सौ मेगावाट वाली दूसरी इकाई को भी प्रबंधन कोयला आपूर्ति सामान्य होने के बाद ही उत्पादन पर लेना चाह रही थी। इधर दो-तीन दिन से थमी बारिश और आपूर्ति में धीरे-धीरे होते सुधार को देखते हुए लैंको ने बुधवार की रात और अनपरा परियोजना प्रबंधन ने गुुरुवार को दो इकाई को उत्पादन पर ले लिया।
अभी अनपरा की 210 मेगावाट वाली पहली और अनपरा डी की पांच सौ मेगावाट वाली पहली इकाई बंद पड़ी है। इन दोनों इकाइयों को भी जल्द लाइटअप कर उत्पादन पर लेने की उम्मीद जताई जा रही है।
उधर, सीजीएमो इं. त्रिभुवन तिवारी ने बताया कि कोयला आपूर्ति कुछ सुधरी है, इसको देखते हुए दो इकाइयों को उत्पादन पर लिया गया है। शेष दो इकाइयों को भी जल्द उत्पादन पर ले लिया जाएगा। कोयला आपूर्ति में सुधार के बाद इकाइयों से बेहतर उत्पादन भी शुरू हो जाएगा।