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Sonebhadra News: अनपरा परियोजना का भी होगा विस्तार, नई इकाई की रुपरेखा तैयार

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अनपरा। ओबरा-डी को मंजूरी मिलने के साथ ही अनपरा परियोजना के भी विस्तार की रुपरेखा तैयार होने लगी है। प्रदेश को सबसे सस्ती बिजली उपलब्ध कराने वाली अनपरा तापीय परियोजना की क्षमता में आठ सौ मेगावाट की वृद्धि के लिए नई इकाई लगाने का प्रस्ताव है। फरवरी में हुए इंवेस्टर्स समिट में इसे लेकर करार हुआ था। ओबरा-डी की तरह ही एनटीपीसी और राज्य विद्युत उत्पादन निगम संयुक्त रूप से आठ सौ मेगावाट की क्षमता वाली अनपरा-ई परियोजना पर काम कर रहे हैं। अभी सर्वे का कार्य जारी है। जल्द ही इसे धरातल पर उतारा जाएगा।
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देश की ऊर्जा राजधानी के रूप में विख्यात सोनभद्र में राज्य उत्पादन निगम की ओबरा और अनपरा परियोजनाएं स्थापित हैं। यह दोनों परियोजनाएं प्रदेश सरकार को सस्ती बिजली उपलब्ध कराने में अहम रोल निभा रही हैं। प्रदेश सरकार ने ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने के लिए अपनी दोनों पुरानी परियोजनाओं के क्षमता वृद्धि की पहल की है। एनटीपीसी की मदद से नई इकाइयों की स्थापना पर कार्य चल रहा है। इसके तहत फरवरी में हुए इंवेस्टर्स समिट में सोनभद्र की ओबरा और अनपरा परियोजना के विस्तार का खाका खींचा गया था। मंगलवार को यूपी सरकार की कैबिनेट बैठक में ओबरा में 800 मेगावाट क्षमता की दो इकाइयों के साथ नई ओबरा-डी परियोजना के स्थापना को मंजूरी दी है। इसके बाद अब अनपरा के विस्तार पर काम शुरू हुआ है। सूत्रों के मुताबिक यहां आठ सौ मेगावाट क्षमता वाली अनपरा-ई परियोजना की स्थापना होनी है। इसके लिए एनटीपीसी और राज्य बिजली निगम के अफसरों की टीम कई दौरे भी कर चुकी है। परियोजना के लिए प्रारंभिक सर्वे सहित अन्य प्रक्रियाएं भी पूरी कर ली गई हैं। जल्द ही इसकी स्थापना पर भी सरकार की हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।
3430 मेगावाट हो जाएगी क्षमता
गत माह बिजली निगम के चेयरमैन और एनटीपीसी के अधिकारियों ने अनपरा परियोजना का भ्रमण किया था। भूमि और कोयले की उपलब्धता सहित अन्य जानकारियां ली थी। प्रबंधन की मानें तो यहां पानी और कोयला दोनों की उपलब्धता पर्याप्त मात्रा में है। नई और अत्याधुनिक तकनीक वाली इकाई लगने से कम लागत में ज्यादा बिजली प्राप्त हो सकेगी। नई इकाई लगने के बाद अनपरा से 3430 मेगावाट का उत्पादन होने लगेगा। अभी यहां 2630 मेगावाट की इकाइयां संचालित हैं।
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अनपरा-ई परियोजना लगाने की योजना है। इसकी क्षमता आठ सौ मेगावाट होगी। इसके मद्देनजर निगम के चेयरमैन सहित अन्य अधिकारी पूर्व में क्षेत्र का मुआयना कर चुके हैं। अभी इस पर अध्ययन जारी है। इस परियोजना को मंजूरी मिलती है तो प्रदेश को 800 मेगावाट अतिरिक्त सस्ती बिजली आपूर्ति होने लगेगी। - आरसी श्रीवास्तव, सीजीएम, अनपरा तापीय परियोजना।
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