चोपन। जिला बाल संरक्षण इकाई व मानव तस्करी रोधी इकाई की संयुक्त टीम ने मंगलवार की रात चोपन रेलवे स्टेशन से 14 बालकों को मुक्त कराया। उन्हें बाल श्रम कराने के लिए जिले से शामली ले जाया जा रहा था। पुलिस ने बालकों को ले जा रहे दो व्यक्तियों को भी पकड़ा। बालकों को बालगृह में आवासित कराया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता सावित्री देवी ने मंगलवार को रात उच्चाधिकारियों को सूचना दी कि दो संदिग्ध लोग कुछ बालकों को ट्रेन से कहीं ले जा रहे हैं। उन्हाेंने उनकी तस्करी की आशंका जताई। डीएम-एसपी के निर्देश पर जिला बाल संरक्षण इकाई और मानव तस्करी रोधी इकाई तत्काल चोपन रेलवे स्टेशन पहुंच गई। वहां मौजूद बालकों से पूछताछ की तो उन्होंने मजदूरी के लिए जाने की बात कही। सभी की उम्र 10 से 14 वर्ष के बीच थी। उनके साथ मौजूद दोनों संदिग्धों ने बताया कि वह बालकों को लेकर शामली जा रहे हैं। स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस पकड़ने चोपन आए थे। दाेनों व्यक्तियों को पूछताछ के बाद विधिक कार्रवाई के लिए जीआरपी के सुपुर्द कर दिया गया। वहीं बालकों को उरमौरा स्थित बालगृह बालक में आवासित कराया गया। टीम में बाल संरक्षण इकाई के आरओडब्ल्यू शेषमणि दुबे, महिला शक्ति केंद्र से जिला समन्वयक साधना मिश्रा, मानव तस्करी रोधी इकाई से प्रभारी निरीक्षक रामजी यादव, मुख्य आरक्षी धनंजय आदि उपस्थित रहे।