राज्य उत्पादन निगम के एमडी एपी मिश्र ने कहा कि अनपरा डी से इस गर्मी में राहत मिलेगी। पूरी उम्मीद है किे मार्च अंत तक सूबे को 1000 मेगावाट बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी। फिलहाल उत्पादन पर ली गई दूसरी (अनपरा की सातवीं) इकाई को पांच मार्च तक पूर्ण क्षमता से उत्पादन पर ले लिया जाएगा। इसके बाद इसे वाणिज्यिक उत्पादन पर लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
एमडी ने बुधवार को दोपहर बाद तीन बजे विदेशी अतिथि गृह में बातचीत में कहा कि ब्वॉयलर में दिक्कत के चलते अनपरा डी की पांच सौ मेगावाट वाली पहली (अनपरा की छठीं) इकाई को अब तक वाणिज्यिक उत्पादन पर नहीं लिया जा सका है। इसे हर हाल में 14 मार्च तक पूर्ण क्षमता से उत्पादन पर ले लेंगे।
पूरी उम्मीद है कि मार्च अंत तक दोनों इकाइयों से बिजली सूबे को मिलनी शुरू हो जाएगी। सब कुछ ठीक ठाक रहा तो इस बार की तपिश में अनपरा डी से पैदा होने वाली एक हजार मेगावाट बिजली बड़ी राहत देगी। इससे पहले उन्होंने अनपरा डी में चल रहे कार्यों और उत्पादन पर ली गई इकाई से उत्पादन की स्थिति जानी। भेल व परियोजना अधिकारियों दोनों इकाइयों से जल्द से जल्द वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने पर चर्चा की।
इस मौके पर निदेशक परियोजना आरके त्रिवेदी, राज्य उत्पादन निगम के ऊर्जा सलाहकार एससी राय, सीजीएम अनपरा त्रिभुवन तिवारी, जीएम एके सिंह, भेल के अनपरा डी निर्माण प्रबंधक आरके श्रीवास्तव, अनपरा डी के अधीक्षण अभियंता चंडी प्रसाद मिश्र, सिविल एक्सईएन एके राय मौजूद रहे।