थाना क्षेत्र के डिबुलगंज में तीन माह पहले फरार एक चिटफंट कंपनी के कर्ता-धर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और पैसे वापस दिलाने की मांग करते हुए नाराज निवेशकों ने रविवार की सुबह थाने के सामने प्रदर्शन किया।
लोगों ने पुलिस को तहरीर सौंप कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। इस दौरान लोगों ने वहां पहुंचे एक एजेंट की पिटाई भी कर दी। मामले को लेकर निवेशक शाम तक थाने पर डेरा डाले हुए थे।
उधर, पुलिस ने मामले की गंभीरता को लेते हुए कंपनी के जिम्मेदार लोगों को तलब किया है। एसओ शोभनाथ यादव ने कहा कि निवेशकों को उनकी गाढ़ी कमाई के पैसे वापस दिलाने का प्रयास जारी है।
डिबुलगंज निवासी विजयनारायण, लालजी, प्रमोद श्रीवास्तव, लालजी प्रसाद कुशवाहा व गोपाल मंडल आदि का कहना था कि अनपरा स्थित एक जेई की पत्नी ने वर्ष 2009 में मेसर्स रीयल रेलसस बेनीफिट कंपनी लिमिटेड के नाम से एक चिटफंड कंपनी खोली।
इसका प्रधान कार्यालय डिबुलगंज में स्थापित किया। कंपनी के लुभावने फायदे के झांसे में आकर अनपरा परियोजना के सैकड़ों विस्थापितों ने, जिनको राज्य सरकार की ओर से मुआवजे के रुपये में अच्छी-खासी रकम मिली थी, लाखों रुपये कंपनी में निवेश कर डाले।
विष्णुदयाल, पंकज कुमार, समयलाल कुशवाहा, शंभू पाल, वीरेंद्र कुमार का कहना था कि तीन माह पहले कंपनी ने दफ्तर पर ताला लटका दिया।
रवींद्र कुशवाहा, रामलल्लू, रामसुगन, धर्मेंद्र गुप्ता, अयोध्या कुमार सिंह का कहना था कि इसको लेकर दो माह पहले थाने में तहरीर दी गई थी।
उस दौरान थाने में चिटफंट कंपनी के निदेशक की ओर से दो माह के भीतर सभी निवेशकों के पैसे लौटाने का लिखित आश्वासन दिया गया था।
इसके लिए स्टांप पर लिखा-पढ़ी भी हुई, लेकिन अब तक एक फूटी कौड़ी भी किसी को नहीं मिली। निवेशकों का कहना था कि जब तक उनकी समस्या का निस्तारण नहीं हो जाता, वे थाने पर ही बने रहेंगे।
वहीं एसओ शोभनाथ यादव का कहना था कि कंपनी के कर्ता धर्ताओं को बुलाया गया है। अगर वे धनराशि वापस नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।